UP में Expressways पर कोहरे को देख घटाई गई वाहनों की गति सीमा, कार और भारी वाहनों की रहेगी ये लिमिट

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में कोहरा और धुंध बढ़ने के साथ एक्सप्रेसवे (Expressway) पर दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र तत्काल दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कोहरे के दौरान यातायात को नियंत्रित रखना है। प्रशासन ने साफ किया है कि दृश्यता घटने की स्थिति में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और तय मानकों के अनुसार ही वाहनों का संचालन होगा।

एक प्रेस नोट जिसमें उत्तर प्रदेश में कोहरे और कम दृश्यता के दौरान सड़क सुरक्षा निर्देशों की जानकारी दी गई है।

कम दृश्यता में वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण:
निर्देशों के अनुसार जब विज़िबिलिटी 50 मीटर से कम होगी, तब वाहनों को टोल प्लाजा (Toll Plaza) या वे-साइड अमेनिटीज (Way Side Amenities) पर रोका जाएगा। ऐसी स्थिति में वाहनों को काफ़िले के रूप में नियंत्रित गति से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि अचानक ब्रेक या तेज़ रफ्तार के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

कोहरे में एसओपी लागू:
कोहरे की स्थिति में सुरक्षा टीम और पुलिस (Police) के आपसी समन्वय से मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की जाएगी। इसके तहत पेट्रोलिंग, निगरानी और यातायात प्रबंधन को और सख्त किया गया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

वाहनों की रफ्तार सीमा घटाई गई:
प्रशासन ने अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए गति सीमा में कटौती की है। यात्री वाहनों के लिए दिन में अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटा और रात में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की सीमा तय की गई है। अधिक सीटों वाले यात्री वाहनों के लिए दिन में 60 और रात में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा निर्धारित की गई है। वहीं मालवाहक वाहनों को दिन में 50 और रात में 40 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक की रफ्तार से चलने की अनुमति नहीं होगी।

जागरूकता और प्रचार पर ज़ोर:
घटी हुई स्पीड लिमिट और सुरक्षा निर्देशों का व्यापक प्रचार किया जाएगा। समाचार पत्रों, एक्सप्रेसवे साइनेज और होर्डिंग्स के माध्यम से यात्रियों को जानकारी दी जाएगी। टोल प्लाजा, एंट्री-एग्जिट प्वाइंट और वे-साइड अमेनिटीज पर सुरक्षित यात्रा से जुड़े पोस्टर और अपीलें लगाई जाएंगी।

पीए सिस्टम और रेडियो से एडवाइजरी:
ड्राइविंग एडवाइजरी को पीए सिस्टम, एफएम रेडियो (FM Radio) और बड़े होर्डिंग्स के माध्यम से लगातार प्रसारित किया जाएगा, ताकि वाहन चालकों को समय-समय पर सतर्क किया जा सके।

आपात सेवाओं की तैनाती:
एक्सप्रेसवे पर 24×7 एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग वाहनों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त एम्बुलेंस की भी व्यवस्था रहेगी, जिससे किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।

अतिरिक्त सुरक्षा इंतज़ाम:
रिफ्लेक्टिव बोर्ड, फॉग लाइट, रोड रिफ्लेक्टर और ब्लिंकर की संख्या बढ़ाई जाएगी। कर्व और नदी या नाले के पास वाले हिस्सों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी और अतिरिक्त रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे। निर्माण और मरम्मत कार्यस्थलों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा संकेतक अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे।

नियमित निरीक्षण और निगरानी:
वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा एक्सप्रेसवे का नियमित निरीक्षण किया जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी, ताकि निर्देशों का सख्ती से पालन हो सके।

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com


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