रिपोर्टर: अनुज कुमार
लखनऊ: यूपी में घुसपैठियों पर नियंत्रण के लिए एक बड़े कदम के रूप में पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मंडलायुक्त (Commissioner) ने सरकार को डिटेंशन सेंटर (Detention Centre) का डेमो मॉडल भेजा है। यह मॉडल हाई-टेक सुरक्षा प्रणाली से लैस है और प्रदेश में बाहरी घुसपैठ की समस्या को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तैयार प्रस्ताव में सुरक्षा, संरचना, क्षमता और संचालन से जुड़े अहम बिंदुओं को शामिल किया गया है ताकि इसे व्यवहारिक रूप से लागू किया जा सके।

15,000 क्षमता वाले डिटेंशन सेंटर का प्रस्ताव:
मंडलायुक्त द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार यह डिटेंशन सेंटर एक बार में लगभग 15,000 लोगों को रखने की क्षमता के साथ बनाया जाएगा। यह क्षमता राज्य में संभावित घुसपैठियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए निर्धारित की गई है। सेंटर का ढांचा इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि इसमें लंबी अवधि तक सुरक्षित निगरानी और रहने की व्यवस्था की जा सके।
हाई-टेक सुरक्षा और फुल निगरानी सिस्टम:
डेमो मॉडल के अनुसार सेंटर में अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें बायोमेट्रिक सिस्टम (Biometric System), फेस रिकॉग्निशन (Face Recognition) तकनीक, थंब इम्प्रेशन रिकॉर्डिंग और चारों ओर हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरों की निगरानी शामिल है। इन सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी घुसपैठिए की पहचान मिस ना हो और सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न रह जाए।
त्रिस्तरीय सुरक्षा प्रणाली की व्यवस्था:
डिटेंशन सेंटर में प्रवेश को त्रिस्तरीय सुरक्षा कवच से नियंत्रित किया जाएगा। इस सुरक्षा व्यवस्था के तहत सिर्फ अधिकृत स्टाफ या अनुमति प्राप्त व्यक्ति ही सेंटर के भीतर जा सकेंगे। प्रत्येक स्तर पर अलग-अलग सत्यापन प्रणाली का उपयोग किया जाएगा, जिससे अनधिकृत प्रवेश की संभावना समाप्त हो जाएगी।
पुरुष और महिलाओं की अलग सुरक्षा व्यवस्था:
प्रस्तावित सेंटर में पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए रहने की व्यवस्था होगी, लेकिन उनकी सुरक्षा प्रणाली अलग-अलग होगी। इसका उद्देश्य दोनों वर्गों की सुरक्षा और निजता का संरक्षण करना है। भले ही सेंटर एक ही परिसर में हो, लेकिन दोनों के लिए अलग-अलग बैरक, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
केंद्र सरकार से सुरक्षा बलों की तैनाती की सिफारिश:
मंडलायुक्त ने केंद्र सरकार से मांग की है कि डिटेंशन सेंटर में 50 सुरक्षा जवानों की तैनाती की जाए। इन जवानों का काम सेंटर की आंतरिक सुरक्षा का प्रबंधन, निगरानी और संभावित जोखिमों पर नियंत्रण रखना होगा।
प्रदेश सरकार को भेजा गया विस्तृत डेमो मॉडल:
डेमो मॉडल में न सिर्फ सुरक्षा और रहने की व्यवस्था का विवरण है, बल्कि संचालन पद्धति और प्रशासनिक नियंत्रण की रूपरेखा भी शामिल है। सरकार द्वारा मंजूरी मिलने के बाद इस मॉडल को वास्तविक रूप में लागू किया जाएगा, जिससे यूपी में घुसपैठियों के प्रबंधन का एक मजबूत सिस्टम विकसित हो सकेगा।
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