बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद बड़ा बवाल हो गया। ‘I Love Muhammad’ विवाद को लेकर तीन जगहों पर हालात बिगड़ गए। नमाज खत्म होने के बाद भारी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और इस्लामिया ग्राउंड में दाखिल होने की जिद करने लगे। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो भीड़ उग्र हो गई। पथराव और तोड़फोड़ शुरू होने पर हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
मौलाना तौकीर रजा की अपील के बाद बढ़ी भीड़
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा ने मुस्लिम समुदाय से इस्लामिया ग्राउंड में प्रदर्शन करने की अपील की थी। अपील के बाद बड़ी संख्या में लोग जुमे की नमाज के बाद सड़कों पर निकल आए। पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन लोग ग्राउंड की ओर बढ़ने पर अड़े रहे।

तोड़फोड़ और पथराव से तनाव
भीड़ को रोकने पर माहौल बिगड़ गया। धार्मिक नारे लगाए गए और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। कुछ जगहों पर छतों से भी पत्थर फेंके गए। भीड़ ने दुकानों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और लोगों को दौड़ाकर खदेड़ा।

बारादरी और प्रेमनगर में भी अशांति
तनाव का असर शहर के अन्य हिस्सों पर भी पड़ा। बारादरी और प्रेमनगर क्षेत्रों में भी विवाद की स्थिति बनी। पुलिस ने तत्काल बाजार बंद कराए और अतिरिक्त फोर्स को तैनात किया। फिलहाल स्थिति पर नियंत्रण होने की बात कही जा रही है।

मौलाना तौकीर रजा हिरासत में
हिंसा और तनाव बढ़ने के बाद पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा को हिरासत में ले लिया है। तौकीर रजा का नाम पहले भी विवादों में रहा है। वर्ष 2010 में बरेली में दंगा भड़काने का आरोप भी उन पर लगा था, जो अभी कोर्ट में विचाराधीन है।
कानपुर से शुरू हुआ था विवाद
‘I Love Muhammad’ विवाद की शुरुआत कानपुर में हुई थी। 4 सितंबर को बारावफात (ईद मिलाद-उन्नबी) के जुलूस के दौरान एक समूह ने मार्ग पर “I Love Muhammad” लिखा बैनर और लाइटबोर्ड लगाया था। स्थानीय हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया और विवाद गहराने लगा। पुलिस ने बैनर हटवाए और नौ लोगों पर मुकदमा दर्ज किया। साथ ही पंद्रह अज्ञात लोगों के खिलाफ भी FIR हुई।
अन्य शहरों और राज्यों में फैला मामला
कानपुर से उठे इस विवाद ने धीरे-धीरे कई शहरों और राज्यों में तूल पकड़ लिया। मुस्लिम समुदाय की ओर से जगह-जगह “I Love Muhammad” के समर्थन में पोस्टर और बैनर लगाए गए। इसके जवाब में हिंदू संगठनों ने “I Love Mahadev” और “I Love Mahakaal” जैसे बैनर लगाने शुरू कर दिए। इसी विवाद की गूंज अब बरेली तक पहुंच गई और शहर में बड़े बवाल का रूप ले लिया।