रोहिंग्या – बांग्लादेशियों के लिए योगी सरकार का सख़्त प्लान! याद रखेंगी सात पुस्तें…

“मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,
उत्तर प्रदेश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध सख्त और निर्णायक कार्रवाई प्रारम्भ की गई है। मैं प्रदेश की जागरूक जनता से अपील करता हूं कि सतर्क रहे और घरेलू अथवा व्यावसायिक कार्यों में किसी भी व्यक्ति को नियोजित करने से पूर्व उसकी पहचान अवश्य सुनिश्चित करे। प्रदेश की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है क्योंकि सुरक्षा ही समृद्धि का आधार है। मैं प्रदेश की जागरूक जनता से अपील करता हूं कि सतर्क रहे और घरेलू अथवा व्यावसायिक कार्यों में किसी भी व्यक्ति को नियोजित करने से पूर्व उसकी पहचान अवश्य सुनिश्चित करे। प्रदेश की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है क्योंकि सुरक्षा ही समृद्धि का आधार है।”


ये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पाती है जिसे X पर मुख्यमंत्री के हैंडल से सोमवार को शेयर किया गया है.

जनता के नाम इस पत्र ने साफ़ सन्देश दिया है कि अब उत्तर प्रदेश घुसपैठियों को स्वीकार नहीं कर सकता. ये वही घुसपैठियें हैं जिन्पार अपराध को बढ़ावा देने का आरोप लगता है, ये वही हैं जो वैध बनने के लिए अवैध संरक्षण का सहारा लेते हैं. मीडिया प्लेटफार्म पर इनपर लगे आरोपों की खबरें यही गवाही देती हैं कि ये उत्तर प्रदेश ही नहीं देश के लिए खतरा बन सकते हैं. आरोप लगते हैं कि इनका राजनितिक दुरपयोग किया जाता है, इनका सहारा लेकर अपराधी अपने मंसूबों को कामयाब करते हैं. लेकिन अब उत्तर प्रदेश में घुसपैठियों के खिलाफ योगी सरकार ने सख्त प्लान तैयार किया है.

यूपी में घुसपैठ पर ऐतिहासिक सख्त अभियान: मीडिया सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार ने व्यापक और अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक सरकार द्वारा तैयार किया गया प्लान देश में अपनी तरह की पहली ऐसी नीति मानी जा रही है, जिसके तहत घुसपैठियों पर फुलप्रूफ एक्शन लिया जाएगा। इस विशेष अभियान का लक्ष्य अवैध घुसपैठ को रोकना, फर्जी पहचान के नेटवर्क को खत्म करना और प्रदेश की सुरक्षा को मजबूत करना है।

फुलप्रूफ एक्शन प्लान का खाका: मीडिया में उपलब्ध सूत्रों के अनुसार इस प्लान का मुख्य आधार एक ऐसा डेटा बेस तैयार करना है, जिसमें उत्तर प्रदेश (UP) में पकड़े गए हर घुसपैठिए की विस्तृत बायोमेट्रिक प्रोफाइल दर्ज होगी। यह प्रक्रिया देश में पहली बार होने जा रही है। तैयार की जा रही ‘निगेटिव लिस्ट’ में इनके नाम शामिल होंगे और बाद में यह सूची देश भर के राज्यों के साथ साझा की जाएगी, जिससे ऐसी किसी भी व्यक्ति की दोबारा देश में प्रवेश करने की संभावना लगभग समाप्त हो सके।

फर्जी पहचान पर हाईटेक निगरानी: इस योजना में फर्जी पहचान पत्रों की हाईटेक स्कैनिंग की व्यवस्था भी शामिल है। रिकॉर्ड की गहन जांच के साथ-साथ उन व्यक्तियों पर भी कार्रवाई की जाएगी, जो घुसपैठियों के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करते हैं। प्लान में शामिल हाईटेक सिस्टम यह भी बताएगा कि घुसपैठिए प्रदेश में कितने समय से छिपकर रह रहे थे। फेशियल रिकॉग्निशन और फिंगरप्रिंट के माध्यम से विस्तृत प्रोफाइलिंग बनाई जाएगी और निगेटिव लिस्ट में शामिल व्यक्तियों पर आधार सहित सभी पहचान पत्र जारी करने पर रोक लगाई जाएगी। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में फर्जी आईडी नेक्सस को पूरी तरह समाप्त करना है।

एंटी-इन्फिल्ट्रेशन नीति की दिशा में बड़ा कदम: राज्य सरकार की कोशिश है कि उत्तर प्रदेश का एंटी-इन्फिल्ट्रेशन मॉडल पूरे देश के लिए उदाहरण बने। इस नीति का उद्देश्य केवल अवैध घुसपैठ को रोकना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि कोई घुसपैठिया दोबारा सीमा पार न कर सके। इसके लिए तकनीक आधारित निगरानी, सतर्क प्रशासनिक कार्रवाई और सुव्यवस्थित डेटा संग्रह को मुख्य आधार बनाया गया है।

जनता से सहयोग की अपील: योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सोमवार को प्रदेशवासियों के नाम एक विस्तृत पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ चल रहे अभियान की जानकारी साझा की है। पत्र में कहा गया है कि सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में पूरे प्रदेश में अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने पुन: स्पष्ट किया कि संसाधनों पर अधिकार प्रदेश के नागरिकों का है, न कि घुसपैठियों का।

सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी का उल्लेख: पत्र में सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) की उस टिप्पणी का भी जिक्र है, जिसमें कहा गया था कि घुसपैठियों के लिए लाल कालीन नहीं बिछाई जा सकती। इस संदेश के साथ सरकार ने सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिया है कि संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान कर सूची तैयार की जाए ताकि आगे की कार्यवाही सुचारू रूप से की जा सके।

डिटेंशन सेंटरों की तैयारी तेज: राज्य में अवैध रूप से रह रहे नागरिकों की पहचान के बाद सरकार उन्हें डिटेंशन सेंटर भेजने की तैयारी कर रही है। मेरठ (Meerut) में भी डिटेंशन सेंटर विकसित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जिन संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान हुई है, उन्हें चिन्हित कर आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजा जा रहा है।

‘योगी की पाती’ में बड़ा संदेश: उन्होंने X प्लेटफार्म पर ‘योगी की पाती’ साझा करते हुए लिखा है कि प्रदेश की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन सर्वोच्च प्राथमिकता है। पत्र में उल्लेख है कि योजनाओं के माध्यम से मिलने वाले लाभों को किसी भी प्रकार से बंटने नहीं दिया जा सकता, इसलिए दस्तावेज सत्यापन का विशेष अभियान चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंडल में डिटेंशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं ताकि घुसपैठियों पर समयबद्ध और प्रभावी कार्यवाही की जा सके।

……………

#UPAction, #AntiInfiltration, #SecurityDrive

Disclaimer: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com.

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading