माफिया अतीक के बेटे की काफिले की 30 गाड़ियों पर FIR, बैरियर तोड़े; धमकाया और कुचलने का प्रयास किया
माफिया अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर (Umar) से जुड़ा एक और विवाद सामने आया है। प्रतापगढ़ (Pratapgarh) और प्रयागराज (Prayagraj) पुलिस ने उसके काफिले में शामिल वाहनों और उनके चालकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि काफिले में शामिल गाड़ियों ने टोल प्लाजा पर बैरियर तोड़े और बिना शुल्क दिए आगे निकल गईं। इस दौरान टोल कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और धमकी देने के भी आरोप लगाए गए हैं।
प्रतापगढ़ में दो वाहनों पर दर्ज हुआ केस:
उमर को शनिवार को लखनऊ (Lucknow) जेल से पुलिस सुरक्षा में प्रयागराज लाया जा रहा था। इसी दौरान करीब 3:04 बजे उसका काफिला प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र स्थित अख्तियारी कोटिला टोल प्लाजा पहुंचा। टोल मैनेजर मोहम्मद इसहाक के अनुसार, काफिले के पीछे चल रही थार (UP 70 GW 2525) टोल की लेन नंबर एक में पहुंची।
आरोप है कि थार चालक ने तेज और खतरनाक तरीके से वाहन चलाते हुए टोल बैरियर पर गाड़ी रोकी और बिना शुल्क दिए बैरियर खोलने को कहा। कर्मचारी प्रतीक पांडेय ने वाहन रोककर टोल शुल्क देने के लिए कहा तो चालक और उसमें सवार लोगों ने गाली-गलौज की। शिकायत में कर्मचारी को वाहन से कुचलने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
इसके बाद चालक ने टोल बैरियर तोड़ते हुए कर्मचारियों की ओर वाहन बढ़ाने का प्रयास किया। कर्मचारी ने भागकर अपनी जान बचाई। वाहन में सवार लोगों ने जाते समय बताया कि वे इसी काफिले के साथ प्रयागराज जा रहे हैं और अतीक अहमद के बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे हैं।
थार के पीछे लेन नंबर चार से काले रंग की स्कॉर्पियो एन (UP 70 GQ 4834) सहित अन्य वाहन भी पहुंचे। आरोप है कि स्कॉर्पियो सवारों ने टोल शुल्क मांगे जाने पर कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और धमकी दी तथा बिना शुल्क दिए आगे निकल गए।
नवाबगंज टोल प्लाजा पर 28 वाहनों पर कार्रवाई:
प्रयागराज के नवाबगंज टोल प्लाजा के असिस्टेंट मैनेजर जय प्रकाश यादव ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब 3:50 बजे उमर अहमद को पुलिस हिरासत में प्रयागराज लाया जा रहा था। टोल बूथ नंबर तीन से सरकारी वाहनों के गुजरने के बाद उनके पीछे करीब 25 से 30 निजी वाहन पहुंचे।
आरोप है कि इन वाहनों के चालकों ने बिना टोल शुल्क दिए तेज रफ्तार में बूम बैरियर तोड़ते हुए आगे निकल गए। टोल कर्मचारियों ने वाहनों को रोकने का प्रयास किया तो चालकों ने उनके साथ गाली-गलौज की और धमकी दी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ वाहन चालकों ने कर्मचारियों की ओर तेज रफ्तार में वाहन बढ़ा दिए। इसके बाद कर्मचारियों ने किसी तरह किनारे हटकर अपनी जान बचाई। घटना में टोल प्लाजा का बूम बैरियर टूट गया।
असिस्टेंट मैनेजर के मुताबिक, बिना टोल शुल्क दिए वाहनों के निकलने से टोल प्रबंधन को राजस्व का नुकसान भी हुआ। मामले में टोल प्रबंधन की ओर से पुलिस को शिकायत और उपलब्ध साक्ष्य सौंपे गए। इसके आधार पर रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे 28 वाहनों के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई।
सीसीटीवी फुटेज से होगी वाहनों की पहचान:
नवाबगंज थाना प्रभारी पंकज अवस्थी ने बताया कि टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, कर्मचारियों के बयान और शिकायत में दर्ज वाहन नंबरों के आधार पर जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय कौन-कौन से वाहन टोल प्लाजा से गुजरे थे और बूम बैरियर को किस वाहन से नुकसान पहुंचा। वाहन नंबरों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संबंधित वाहनों तथा उनके चालकों की पहचान की जाएगी।
अबान की मौत के बाद मिली थी पैरोल:
अतीक अहमद के पांच बेटों में सबसे छोटे अबान अहमद की 6 अगस्त को झांसी (Jhansi) में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वह झांसी जेल में बंद अपने दूसरे नंबर के भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था। रास्ते में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई थी।
हादसे में कार की अगली सीट पर बैठे अबान और उसके साथी सोनू की मौके पर मौत हो गई थी। कार में सवार तीन अन्य लोग घायल हुए थे। अबान की मौत के बाद जेल में बंद उसके दोनों बड़े भाइयों मोहम्मद उमर और अली अहमद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में पैरोल के लिए आवेदन किया था।
दोनों ने प्रयागराज में अबान अहमद के जनाजे में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। 7 अगस्त को हाईकोर्ट ने निर्धारित शर्तों और प्रतिबंधों के साथ दोनों को जनाजे में शामिल होने की अनुमति दी थी।
पैरोल मंजूर होने के बाद 8 अगस्त को दोनों को पुलिस सुरक्षा के साथ प्रयागराज रवाना किया गया। उमर को लखनऊ जेल से और अली अहमद को झांसी जेल से पुलिस वैन में बैठाकर प्रयागराज लाया गया।
प्रयागराज पहुंचते-पहुंचते बढ़ता गया काफिला:
प्रयागराज के लिए रवाना होने के बाद उमर और अली के करीबियों की गाड़ियां भी उनके वाहनों के पीछे चलने लगीं। प्रयागराज की सीमा में प्रवेश करने के बाद काफिले में शामिल वाहनों की संख्या बढ़ती गई। कसारी-मसारी पहुंचने तक दोनों के साथ कई वाहन दिखाई दिए।
इसी काफिले की कुछ गाड़ियों को लेकर प्रतापगढ़ और प्रयागराज के टोल प्लाजा पर विवाद सामने आया। अब दोनों जिलों की पुलिस मामले में दर्ज शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
अतीक की मौत के बाद फिर दिखी बड़ी भीड़:
15 अप्रैल 2023 को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद प्रयागराज में अतीक परिवार से जुड़ा इतना बड़ा जनसमूह फिर दिखाई दिया। हालांकि इस बार मामला राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का नहीं था। भीड़ अबान अहमद की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जुटी थी।
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