Ghazipur के युवा बिहार में कर रहे थे करोड़ों का खेल, फिर जो हुआ…

महादेव बेटिंग ऐप ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए बनाया ऐप है. इस पर यूजर्स पोकर, कार्ड गेम्स, चांस गेम्स नाम से लाइव गेम खेलते थे. ऐप के जरिए क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल जैसे खेलों और चुनावों में अवैध सट्टेबाजी भी की जाती थी. अवैध सट्टे के नटवर्क के जरिए इस ऐप का जाल तेजी से फैला और सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खुले. इस ऐप से धोखाधड़ी के लिए एक पूरा खाका बनाया गया था.

फ्रेंचाइजी के रूप में बेचते थे ब्रांच

दरअसल, महादेव बेटिंग ऐप कई ब्रांच से चलता था. हर ब्रांच को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल फ्रेंचाइजी के रूप में बेचते थे. यूजर को सिर्फ शुरुआत में फायदा और बाद में नुकसान होता. फायदे का 80% हिस्सा दोनों अपने पास रखते थे. सट्टेबाजी ऐप रैकेट एक ऐसी मशीन की तरह काम करता है, जिसमें एल्गोरिदम यह तय करता है कि ऐप में अपना पैसा लगाने वाले केवल 30% ग्राहक ही जीतें.

जूस बेचते-बेचते बन गया सट्टेबाजी किंग

कुछ साल पहले तक छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सौरभ चंद्राकर ‘जूस फैक्ट्री’ के नाम से जूस की दुकान चलाता था. रोड साइड जूस बेचने वाले की आय तो सीमित होती है, लेकिन सौरभ चंद्राकर को कुछ बड़ा करना था, मोटा पैसा कमाना था. पहले तो उसने अपनी जूस की दुकान को ही फैलाना शुरू किया, छत्तीसगढ़ के कई शहरों में जूस फैक्ट्री नाम से दुकानें खुलीं. सौरभ चंद्राकर को जूस बेचने के साथ-साथ सट्टा खेलने की भी आदत थी. पहले वह ऑफलाइन सट्टा खेलता था. लेकिन कोरोना की वजह से ऑनलाइन सट्टा खेलने लगा. लॉकडाउन के दौरान उसने सट्टेबाजी ऐप बनाने का फैसला किया और रवि उप्पल नामक शख्स के साथ महादेव बेटिंग ऐप शुरू कर दिया.

महादेव बेटिंग ऐप केस में बड़ा एक्शन लिया गया है. दुबई में महादेव बेटिंग ऐप के मास्टरमाइंड और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को नजरबंद कर दिया गया है. घोटालेबाज चंद्राकर को जल्द ही भारत लाने की कार्रवाई भी की जा सकती है. दरअसल, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों ने महादेव बुक ऐप बेटिंग प्लेटफॉर्म के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के खिलाफ ED के अनुरोध पर जारी रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) पर एक्शन लिया है. दुबई में सौरभ चंद्राकर के ठिकाने पर ताला लगाकर उसे नजरबंद कर दिया गया है. बता दें कि दुबई संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का सबसे अधिक आबादी वाला शहर है.

लालच और सॉर्टकट में बर्बाद युवा

बिहार के गोपालगंज पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है. इस सभी 12 लोगों पर प्रतिबंधित गेमिंग एप महादेव के जरिए लोगों से ठगी करने का आरोप है. यूपी-बिहार के रहनेवाले इन साइबर अपराधियों के पास से भारी मात्रा में मोबाइल, लैपटाॅप, विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड व पासबुक मिले हैं. नगर थाना क्षेत्र के भितभेरवा गांव में किराये के मकान में महीनों से साइबर फ्रॉड का पूरा खेल चल रहा था. यूपी के प्रयागराज पुलिस के डीसीपी श्रद्धा पांडेय की गुप्त सूचना के बाद गोपालगंज पुलिस ने यह कार्रवाई की है.

एसपी स्वर्ण प्रभात ने नगर थाना में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नगर थाना क्षेत्र के भितभेरवा गांव में विक्की गुप्ता के मकान में साइबर अपराधियों के द्वारा प्रतिबंधित ‘महादेव’ एप से साइबर फ्रॉड का सेंटर चलाया जा रहा है. नगर थानाध्यक्ष ओमप्रकाश चौहान के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया और टीम ने मकान में छापेमारी की. छापेमारी के दौरान मकान के अंदर चल रहे साइबर फ्रॉड के गोरखधंधा का खुलासा हुआ. पुलिस ने 12 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है मकान के अंदर के सभी सामग्री को जब्त कर लिया.

पुलिस ने इनको किया गिरफ्तार

पुलिस की कार्रवाई में यूपी के गाजीपुर जिला के रहनेवाले साइबर अपराधी शिवम सिंह, सत्येंद्र पटेल, रामदत कुमार, ओमनारायण यादव, प्रशांत सिंह, गौस अहमद, राहुल शर्मा, अभिषेक यादव, पश्चिम चंपारण के बगही बैरिया के विकास कुमार, गोपालगंज जिले के मांझा थाने के शेखपरसा निवासी कपूरचंद्रा राम, पंकज कुमार शर्मा और बबलू कुमार को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ के दौरान इन अपराधियों ने प्रतिबंधित एप के जरिये साइबर ठगी का गोरखधंधा चलाने का खुलासा किया.

जानिये, क्या-क्या हुआ बरामद

पुलिस ने छापेमारी के दौरान 7 लैपटॉप, 42 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप चार्जर, 17 मोबाइल चार्जर, एक वाइ-फाइ का राउटर, 7 एक्सटेंशन बोर्ड, 75 सिमकार्ड, 5 बैंकों के पासबुक, 16 विभिन्न बैंकों का एटीएम कार्ड, 3 आधार कार्ड, 3 पैन कार्ड, 6 विभिन्न बैंकों का चेकबुक बरामद किया गया है.

विक्की ने दिया था मकान में संरक्षण

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि भितभेरवा गांव के निवासी रविंद्र गुप्ता के पुत्र विक्की गुप्ता ने अपने एक मंजिला मकान में साइबर अपराधियों को संरक्षण दिया था. फिलहाल विक्की फरार है. पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस ने विक्की की दुकान और मकान पर भी छापेमारी की है. चंद्रगोखुल रोड में शूटकेश की दुकान भी चलाता था.

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