Video:गाजीपुर में टीबी मरीजों के स्वास्थ्य सुधार के लिए विशेष पहल
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जनपद गाजीपुर (Ghazipur) में क्षय रोगियों के पोषण एवं स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। राइफल क्लब, गाजीपुर (Rifle Club, Ghazipur) में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला (Anupam Shukla) की अध्यक्षता में लॉर्ड्स डिस्टलरी लिमिटेड (Lords Distillery Limited) के सहयोग से 50 क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित की गई। इस पहल का उद्देश्य टीबी मरीजों को उपचार के साथ-साथ बेहतर पोषण उपलब्ध कराना है, जिससे उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो सके।
पोषण सहायता से उपचार को मिलेगी मजबूती:
आयोजित कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील पांडेय (Dr. Sunil Pandey) तथा जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रवि रंजन (Dr. Ravi Ranjan) के नेतृत्व में टीबी मरीजों को आमंत्रित किया गया। सभी लाभार्थियों को व्यवस्थित रूप से पोषण सामग्री उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने टीबी उन्मूलन के लिए चल रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की।
100 दिवसीय सघन अभियान के सकारात्मक परिणाम:
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला (Anupam Shukla) ने बताया कि जनपद में 24 मार्च 2026 से 100 दिवसीय सघन टीबी खोज अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत संभावित मरीजों की पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास जारी है।
गांव-गांव पहुंच रही मेडिकल मोबाइल वैन:
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में आधुनिक हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इन मशीनों के माध्यम से मेडिकल मोबाइल वैन गांव-गांव पहुंचकर संभावित मरीजों की जांच कर रही हैं। प्रतिदिन लगभग 600 से 700 चेस्ट एक्स-रे किए जा रहे हैं, जबकि 20 हजार बलगम जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस व्यवस्था से संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान में सहायता मिल रही है।
ट्रू-नैट और सीबी-नैट मशीनों से बढ़ी जांच क्षमता:
उन्होंने बताया कि जिले के सभी विकास खंडों में ट्रू-नैट मशीनों की उपलब्धता है। वर्तमान समय में जनपद में 19 ट्रू-नैट और 2 सीबी-नैट मशीनें कार्यरत हैं। इन मशीनों के माध्यम से संभावित टीबी मरीजों की बलगम जांच तथा चेस्ट एक्स-रे की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। इससे रोग की समय रहते पहचान और उपचार की दिशा में मदद मिल रही है।
हर माह वितरित की जाती है पोषण पोटली:
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक माह की 15 तारीख को सभी ब्लॉकों में टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की जाती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य उपचार के साथ मरीजों के पोषण स्तर को बेहतर बनाना है, ताकि वे तेजी से स्वस्थ हो सकें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।
निक्षय मित्र बनने की अपील:
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला (Anupam Shukla) ने समाज के सक्षम नागरिकों से “निक्षय मित्र” बनकर टीबी मरीजों को गोद लेने तथा उनके उपचार और पोषण में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
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रिपोर्ट: प्रदीप शर्मा
ब्यूरो : हसीन अंसारी