Video: लखनऊ: जादुई कफ सिरप को लेकर सपा ने विधानसभा के बाहर  किया प्रदर्शन

रिपोर्टर: अनुज कुमार

उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल देखने को मिली जब समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कथित रूप से “जादुई कफ सिरप” के नाम पर हो रही गतिविधियों और उससे जुड़े मुद्दों को लेकर किया गया। प्रदर्शन के दौरान सपा के एमएलसी आशुतोष सिंह (Ashutosh Singh) वाराणसी (Varanasi) से साइकिल पर पोस्टर लगाकर विधानसभा परिसर के बाहर पहुंचे, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। साइकिल और पोस्टर के माध्यम से पार्टी ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

प्रदर्शन का उद्देश्य:
सपा नेताओं का कहना रहा कि “जादुई कफ सिरप” जैसे शब्दों का प्रयोग कर आम जनता को भ्रमित किया जा रहा है। पार्टी के अनुसार यह मामला केवल एक उत्पाद या नाम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए जनता के स्वास्थ्य, जागरूकता और भरोसे से जुड़े सवाल खड़े होते हैं। विधानसभा के बाहर किया गया यह प्रदर्शन सरकार का ध्यान आकर्षित करने और जनता के बीच संदेश पहुंचाने का प्रयास था।

साइकिल और पोस्टर का प्रतीकात्मक संदेश:
आशुतोष सिंह (Ashutosh Singh) द्वारा साइकिल पर पोस्टर लगाकर पहुंचना सपा की पारंपरिक पहचान और उसके संदेश से जुड़ा रहा। साइकिल को पार्टी लंबे समय से सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े प्रतीक के रूप में पेश करती रही है। पोस्टरों पर लिखे नारों के माध्यम से सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की गई और यह दर्शाया गया कि पार्टी जनहित से जुड़े मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

विधानसभा के बाहर का माहौल:
प्रदर्शन के दौरान विधानसभा के बाहर सपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। नारेबाजी और पोस्टर प्रदर्शन के जरिए पार्टी ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का प्रयास किया। पूरे घटनाक्रम में कानून व्यवस्था का ध्यान रखा गया और प्रदर्शन निर्धारित दायरे में रहकर किया गया, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

सरकार पर लगाए गए सवाल:
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे मामलों में स्पष्ट जानकारी देने में विफल रही है, जिससे भ्रम की स्थिति बन रही है। पार्टी का कहना रहा कि यदि किसी भी तरह का उत्पाद या गतिविधि जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी है तो उसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। प्रदर्शन के माध्यम से यह मांग दोहराई गई कि सरकार पारदर्शिता बनाए और जनता को सटीक जानकारी उपलब्ध कराए।

राजनीतिक संदेश और रणनीति:
इस प्रदर्शन को सपा की राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है, जहां पार्टी जनसरोकारों को केंद्र में रखकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। साइकिल और पोस्टर जैसे प्रतीकों के जरिए पार्टी ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि वह केवल सदन के भीतर ही नहीं, बल्कि बाहर भी जनता की आवाज उठाने को तैयार है।

जनता के बीच प्रतिक्रिया:
विधानसभा के बाहर हुए इस प्रदर्शन को लेकर आम लोगों और राजनीतिक हलकों में चर्चा रही। कुछ लोगों ने इसे रचनात्मक विरोध का तरीका बताया, जबकि कुछ ने इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कवायद के रूप में देखा। बावजूद इसके, यह स्पष्ट रहा कि प्रदर्शन ने “जादुई कफ सिरप” जैसे शब्दों को लेकर चल रही बहस को और अधिक सामने ला दिया।

आगे की रणनीति पर संकेत:
प्रदर्शन के बाद सपा नेताओं ने संकेत दिए कि यदि इस मुद्दे पर सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रख सकती है। पार्टी का कहना रहा कि जनता के हित से जुड़े सवालों पर चुप रहना संभव नहीं है और सरकार को जवाबदेह बनाना विपक्ष की जिम्मेदारी है।

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