प्रदेश में युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी क्रम में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देश पर सभी कौशल विकास केंद्रों के नियमित निरीक्षण के आदेश दिए गए हैं। इन निर्देशों के अनुपालन में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अधिकारियों द्वारा विभिन्न जनपदों में प्रशिक्षण केंद्रों का क्षेत्रीय भ्रमण कर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति, गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की जा रही है।

प्रशिक्षण केंद्रों की प्रगति की समीक्षा:
मंत्री के निर्देशों के तहत अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह ने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के प्रशिक्षण केंद्रों का क्षेत्रीय भ्रमण किया। इस दौरान सिद्धार्थनगर (Siddharthnagar) और बलरामपुर (Balrampur) जनपदों के प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय मिशन की टीम भी मौजूद रही। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य केंद्रों पर संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करना, नए बैचों की प्रारंभिक स्थिति का आकलन करना और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करना था।

प्रशिक्षार्थियों से सीधा संवाद:
निरीक्षण के दौरान अपर मिशन निदेशक ने प्रशिक्षण केंद्रों पर उपस्थित प्रशिक्षार्थियों से संवाद किया। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाले अनुभवों की जानकारी ली और प्रशिक्षार्थियों से फीडबैक प्राप्त किया। साथ ही युवाओं को रोजगार के उपलब्ध अवसरों, भविष्य की करियर संभावनाओं और मिशन की आगामी प्रशिक्षण योजनाओं के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि प्रशिक्षण से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी प्रशिक्षार्थियों तक स्पष्ट रूप से पहुंचे।
प्रबंधन को दिए गए आवश्यक निर्देश:
अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह ने निरीक्षण के दौरान ट्रेनिंग पार्टनर्स, सेंटर मैनेजर और एमआईएस मैनेजर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी केंद्रों को निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य करना होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
बहराइच और श्रावस्ती में भी निरीक्षण:
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के सहायक निदेशक आशीष कुमार ने बहराइच (Bahraich) और श्रावस्ती (Shravasti) जनपदों में स्थित प्रशिक्षण केंद्रों का क्षेत्रीय भ्रमण किया। उनके साथ मिशन की संबंधित टीम भी मौजूद रही। निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षण केंद्रों में स्थापित लैब, उपकरणों और अन्य आधारभूत सुविधाओं की गहन जांच की गई। सहायक निदेशक ने यह भी देखा कि प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध संसाधन निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
गुणवत्ता और संसाधनों पर विशेष ध्यान:
सहायक निदेशक ने प्रशिक्षण केंद्रों पर प्रशिक्षार्थियों से प्रत्यक्ष संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता, सीखने की प्रक्रिया और प्राप्त फीडबैक की जानकारी ली। उन्होंने युवाओं को रोजगार, करियर संभावनाओं और आगामी प्रशिक्षण योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि आधुनिक तकनीक, बेहतर संसाधन और प्रशिक्षित स्टाफ के माध्यम से ही युवाओं को प्रभावी प्रशिक्षण दिया जा सकता है।
युवाओं को सशक्त बनाने पर जोर:
अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह ने कहा कि युवाओं को सशक्त बनाना, उनके कौशल को सुदृढ़ करना और उन्हें रोजगार से जोड़ना उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि मिशन का प्रयास है कि प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को उसकी क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण मिले और वह आत्मनिर्भर बन सके।
‘सबको हुनर, सबको काम’ का संकल्प:
सहायक निदेशक आशीष कुमार ने “सबको हुनर, सबको काम” के ध्येय को दोहराते हुए कहा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करना सभी ट्रेनिंग पार्टनर्स की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मिशन का लक्ष्य है कि युवाओं को बिना किसी बाधा के गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, जिससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।
निरंतर जारी रहेगा निरीक्षण अभियान:
अधिकारियों ने संकेत दिया कि कौशल विकास केंद्रों का निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश के सभी प्रशिक्षण केंद्रों पर उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण दिया जाए और युवाओं को रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाए।
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