विधायक के लुटेरे समधी-दामाद ने कैसे 44 महिलाओं को ठगा:पीड़ित बोलीं- तलाकशुदा-विधवा को फंसाते, बेटे को भाई बताकर शादी करता
सीतापुर (Sitapur) के रहने वाले अनुज त्रिवेदी और उसके बेटे प्रखर पर शादी के नाम पर कई महिलाओं से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप सामने आए हैं। आरोपों के मुताबिक, दोनों ने अलग-अलग जगहों पर महिलाओं से रिश्ते बनाए और शादी के बाद उनसे रुपये, गहने और अन्य संपत्ति ली। दावा है कि करीब 44 महिलाएं इस कथित ठगी का शिकार हुईं और रकम करीब 100 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। ज्यादातर महिलाएं 40 वर्ष से अधिक उम्र की थीं। इनमें विधवा, तलाकशुदा और दिव्यांग महिलाएं भी शामिल थीं। मामले में सीतापुर के सेवता से भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी (Gyan Tiwari) ने अपने समधी अनुज त्रिवेदी और दामाद प्रखर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
बेटे को बताया छोटा भाई, फिर बढ़ाया रिश्ता:
आरोप है कि महिलाओं का भरोसा जीतने के लिए अनुज अपने बेटे प्रखर को उनका छोटा भाई बताकर परिचय कराता था। अनुज और प्रखर पर वर्ष 2016 से 2022 के बीच उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), महाराष्ट्र (Maharashtra), दिल्ली (Delhi), कोलकाता (Kolkata) और कर्नाटक (Karnataka) समेत कई जगहों पर शादी के नाम पर महिलाओं को ठगने का आरोप है।
मामला तब सामने आया जब महाराष्ट्र में शिकायतें दर्ज होने लगीं। इसके बाद जांच मुंबई क्राइम ब्रांच (Mumbai Crime Branch) को सौंपी गई। पुलिस के मुताबिक, अनुज ने कई महिलाओं से शादी की, जबकि उसके बेटे प्रखर ने भी मुंबई और कोलकाता में शादियां की थीं।
अखबार के विज्ञापन से शुरू हुआ एक मामला:
4 मार्च 2022 को ठाणे (Thane) के नयानगर थाने में 75 वर्षीय सरिता के बदले हुए नाम से शिकायत दर्ज कराई गई। उन्होंने बताया कि अखबार में शादी का विज्ञापन देखकर ‘अजय अग्रवाल’ नाम से अनुज ने उनकी 45 वर्षीय मांगलिक बेटी शुभांगी से संपर्क किया था। दोनों की शादी 1 मार्च 2019 को हुई थी।
सरिता के मुताबिक, 22 फरवरी 2022 को अनुज उनकी बेटी को दिल्ली ले गया। आरोप है कि वहां उसके 39 तोले सोने और हीरे के गहने उतरवा लिए गए। इसके बाद उसे मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठाकर अनुज ने अपना फोन बंद कर लिया। इसके बाद अमरावती (Amravati) और मुंबई से भी अन्य महिलाओं की शिकायतें सामने आईं।
शुभांगी से 82 लाख रुपये लेने का आरोप:
आरोप के मुताबिक, अनुज ने खुद को कोलकाता का बिल्डर बताया था। कोविड के दौरान वह शुभांगी के तीन बीएचके फ्लैट में रहने लगा। शुभांगी के परिवार का आरोप है कि अनुज ने दबाव बनाकर फ्लैट बिकवाया और फ्लैट की रकम समेत कुल 82 लाख रुपये ले लिए।
इसके बाद 22 फरवरी को वह शुभांगी को अपने कथित छोटे भाई प्रखर की शादी का बहाना बनाकर दिल्ली ले गया। आरोप है कि वहां शुभांगी के 455 ग्राम सोने के गहने उतरवा लिए गए। उस समय उनके पैर में गंभीर चोट थी। शिकायत के मुताबिक, इसके बावजूद उन्हें भूखा रखा गया और बाद में मुंबई की ट्रेन में बैठा दिया गया।
परिवार के मुताबिक, आज उनकी आर्थिक स्थिति खराब है और शुभांगी के 82 वर्षीय पिता को इस उम्र में भी निजी नौकरी करनी पड़ रही है।
तलाकशुदा महिला से भी ठगी का आरोप:
प्रयागराज (Prayagraj) के झूंसी की महिला शिक्षिका प्रतिमा के बदले हुए नाम से भी अनुज के खिलाफ आरोप सामने आए हैं। उनके मुताबिक, अनुज वर्ष 2017 में उनके संपर्क में आया था। आरोप है कि उसने उनसे 11 लाख रुपये और 50 ग्राम गहने ले लिए।
इसी तरह तलाकशुदा गीता के बदले हुए नाम के मामले में भी अनुज पर ठगी का आरोप है। गीता ने अपनी मां की सलाह पर विवाह संबंधी वेबसाइट पर प्रोफाइल बनाई थी। वर्ष 2017 में अनुज कथित तौर पर ‘अजय अग्रवाल’ बनकर उनसे मिला और अपने बेटे प्रखर को छोटा भाई ‘अविरल’ बताया।
आरोप है कि अनुज ने गीता को 27 अगस्त 2018 का विवाह प्रमाणपत्र दिया, जो बाद में कथित तौर पर फर्जी पाया गया। शादी के बाद उसने कोलकाता में इमारत का काम पूरा कराने के नाम पर 25 लाख 90 हजार रुपये और 400 ग्राम सोने के जेवर ले लिए। साथ ही दबाव बनाकर 35 लाख रुपये का घर नौ लाख रुपये में बिकवाने का भी आरोप है।
वीडियो कॉल से खुला कथित फर्जी विवाह का राज:
गीता के मुताबिक, एक रात उन्होंने अनुज को वीडियो कॉल किया। इस दौरान उन्हें आईने में दूसरी महिला विनीता दिखाई दी। शक होने के बाद उन्होंने बांद्रा (Bandra) अदालत में जांच कराई, जहां उन्हें कथित तौर पर पता चला कि उनका विवाह प्रमाणपत्र फर्जी था। इसके बाद उन्होंने अमरावती थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
एक अन्य मामले में रचना के बदले हुए नाम ने भी अनुज पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। उनके पति की वर्ष 2012 में कैंसर से मौत हुई थी। वर्ष 2016 में उन्होंने अखबार में शादी का विज्ञापन दिया था। इसी के जरिए अनुज उनके संपर्क में आया और खुद को विधुर बताया।
आरोप है कि अनुज ने रचना से आठ लाख रुपये, मोबाइल, हीरे की अंगूठी और सोने की चेन ली। बाद में शक होने पर रचना सितंबर 2018 में मुंबई पहुंचीं। वहां जांच के दौरान उन्हें कथित तौर पर पता चला कि अनुज की बताई गई पत्नी माया सिंह जीवित हैं। रचना ने पुलिस में शिकायत की बात कही तो अनुज पर उनकी तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी देने का आरोप लगा। महाराष्ट्र पुलिस ने हाल में रचना का बयान दर्ज किया है।
अनुज गिरफ्तार, प्रखर की तलाश जारी:
मुंबई क्राइम ब्रांच ने 24 मई 2026 को अनुज को नोएडा (Noida) से गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक, उसने कई राज्यों में 40 शादियां करने की बात कबूल की। पुलिस के अनुसार, उसके बेटे प्रखर ने भी मुंबई और कोलकाता में चार शादियां की थीं। प्रखर की तलाश अभी जारी बताई गई है।
अनुज फिलहाल अमरावती की सेंट्रल जेल में बंद है। उसके खिलाफ महाराष्ट्र में तीन और कोलकाता में एक प्राथमिकी दर्ज होने की बात सामने आई है। वहीं, 8 अगस्त को सीतापुर के सेवता से भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने भी अनुज और प्रखर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। विधायक का दावा है कि उनकी एमबीबीएस बेटी प्रज्ञा तिवारी भी इस मामले में कथित तौर पर ठगी का शिकार हुई हैं। प्रखर और प्रज्ञा की शादी 14 फरवरी 2024 को हुई थी और दोनों का एक बेटा भी है। मामला सामने आने के बाद विधायक और उनकी बेटी ने अनुज और प्रखर से रिश्ते खत्म कर दिए।
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