लखनऊ: एयरफोर्स की स्क्वॉड्रन लीडर से इंटरनेशनल क्रिकेटर बनीं शिखा पांडेय

रिपोर्टर: अनुज कुमार

लखनऊ। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऑलराउंडर शिखा पांडेय इस सीजन महिला प्रीमियर लीग में यूपी वारियर्स की ओर से खेलती नजर आएंगी। डब्ल्यूपीएल ऑक्शन में 40 लाख के बेस प्राइज पर उतरी शिखा पांडेय पर 2.40 करोड़ रुपये की बड़ी बोली लगी, जिसके बाद वह यूपी वारियर्स टीम का हिस्सा बनीं। उनके चयन से टीम को अनुभव, अनुशासन और ऑलराउंड प्रदर्शन की मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। गोवा में पली-बढ़ीं शिखा पांडेय की जड़ें उत्तर प्रदेश के जौनपुर और आजमगढ़ से जुड़ी होने के कारण प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों में उनके प्रति खास उत्साह देखा जा रहा है।

डब्ल्यूपीएल में यूपी वारियर्स से जुड़ाव:
महिला प्रीमियर लीग का यह सीजन शिखा पांडेय के लिए खास माना जा रहा है। यूपी वारियर्स के साथ जुड़कर वह न केवल अपनी क्रिकेट प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी, बल्कि उत्तर प्रदेश से अपने पारिवारिक जुड़ाव को भी नए स्तर पर सामने रखेंगी। ऑक्शन में मिली बड़ी राशि उनके अनुभव और निरंतर प्रदर्शन पर टीम प्रबंधन के भरोसे को दर्शाती है।

गोवा से उत्तर प्रदेश तक का सफर:
शिखा पांडेय का पालन-पोषण गोवा में हुआ, लेकिन उनका पारिवारिक संबंध उत्तर प्रदेश के जौनपुर और आजमगढ़ से है। यही वजह है कि वह खुद को उत्तर प्रदेश से भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ मानती हैं। यूपी से होकर टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करने को वह गर्व की बात मानती हैं और इसे अपने खेल जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखती हैं।

एयरफोर्स में अफसर बनने की अनोखी कहानी:
क्रिकेट के साथ-साथ शिखा पांडेय की पहचान भारतीय वायुसेना से भी जुड़ी है। वह एयरफोर्स के एयर ट्रैफिक कंट्रोल ब्रांच में बतौर ऑफिसर कमीशन हुईं। खास बात यह रही कि उन्होंने स्पोर्ट्स कोटे से नहीं, बल्कि एकेडमिक एंट्री के माध्यम से यह उपलब्धि हासिल की। इसके बावजूद वह एयरफोर्स से टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली महिला ऑफिसर बनीं। वर्तमान में वह स्क्वॉड्रन लीडर के पद पर कार्यरत हैं।

खेल और सेवा का संतुलन:
शिखा पांडेय का मानना है कि खेल और सेवा दोनों में अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास की अहम भूमिका होती है। एयरफोर्स में रहते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन उन्होंने दोनों क्षेत्रों में संतुलन बनाकर अपनी पहचान स्थापित की। यही वजह है कि युवा खिलाड़ियों के लिए वह प्रेरणा का स्रोत मानी जाती हैं।

टीम इंडिया और यूपी से जुड़ा गर्व:
शिखा पांडेय ने कई बार यह कहा है कि यूपी से जुड़े होने और उसी पहचान के साथ टीम इंडिया के लिए खेलने पर उन्हें गर्व महसूस होता है। उनका मानना है कि उत्तर प्रदेश की मिट्टी से जुड़ाव उन्हें मानसिक मजबूती देता है और मैदान पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।

लखनऊ लिटफेस्ट में मौजूदगी:
हाल ही में शिखा पांडेय लखनऊ में आयोजित एक लिटफेस्ट में भी पहुंचीं, जहां उन्होंने अपने खेल जीवन, एयरफोर्स के अनुभव और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरक विचार साझा किए। इस दौरान खेल और समाज के आपसी संबंधों पर भी चर्चा हुई, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा।

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