दिल्ली (Delhi) के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर गिरी इमारत का मलबा हटाने का काम सोमवार को भी जारी रहा। इसी दौरान मलबे से एक और शव बरामद किया गया। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। पांच लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया है। मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल खोज अभियान में खोजी कुत्तों और कैमरों की मदद ले रहा है।
हादसे के बाद इमारत के मालिक हरिराम बंसल के फरार होने की बात सामने आई है। दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है और तलाश के लिए 10 टीमें गठित की हैं। साउथ कैंपस थाने में हरिराम के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, इमारत की देखरेख में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
करीब 40 साल पुरानी थी इमारत:
यह हादसा दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) के साउथ कैंपस के पास स्थित सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। हादसे में ढही इमारत करीब 40 साल पुरानी बताई गई है। दिल्ली नगर निगम (MCD) के रिकॉर्ड के मुताबिक, इस इमारत को खतरनाक घोषित नहीं किया गया था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत के बेसमेंट में पिछले सात दिनों से तोड़फोड़ का काम चल रहा था। बताया गया कि बेसमेंट पहले से कमजोर था और उसमें पानी भी भरा हुआ था। खुदाई के दौरान एक पिलर खिसकने के बाद पूरी इमारत भरभराकर गिर गई। हादसे के समय इमारत में काम कर रहे मजदूर भी मलबे में दब गए।
मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी:
इमारत गिरने के बाद बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटा हुआ है। सोमवार को मलबे से एक और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या सात हो गई। वहीं, 12 लोगों को अब तक बचाया जा चुका है। हादसे में घायल पांच लोगों की हालत गंभीर बताई गई है और उनका उपचार एम्स में चल रहा है।
रेस्क्यू टीम को अभी भी मलबे के अंदर लोगों के दबे होने की आशंका है। इसी वजह से खोज अभियान सावधानी से चलाया जा रहा है। लोगों की मौजूदगी का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों और कैमरों की सहायता ली जा रही है।
इमारत मालिक के खिलाफ कार्रवाई:
इमारत के मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। वह गुरुग्राम में रहता है और हादसे के बाद से फरार बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए 10 टीमें गठित की हैं और उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है।
साउथ कैंपस थाने में दर्ज मामले में गैर इरादतन हत्या, इमारत की देखरेख में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने से संबंधित आरोप शामिल किए गए हैं। पुलिस की कार्रवाई के साथ मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
मेयर ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई कही:
हादसे के बाद दिल्ली की मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि चार मंजिल से अधिक वाले सभी अवैध निर्माणों को तत्काल सील किया जाएगा। उन्होंने दोषी अधिकारियों को बर्खास्त करने की बात भी कही।
वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में पीजी गिरने की घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। इसके अलावा 6 सितंबर के दिल्ली नगर निगम के आदेश में सत्य निकेतन में बनी जर्जर और खतरनाक इमारतों को गिराने का नोटिस लगाए जाने की जानकारी दी गई है।
दूसरी इमारत में भी दिखीं दरारें:
गिरी हुई इमारत के पास स्थित एक अन्य इमारत को भी खाली करा लिया गया है। इस इमारत में दरारें दिखाई देने की बात सामने आई है। बचाव दल के मुताबिक, मलबा हटाने के दौरान दूसरी इमारत के भी गिरने का खतरा बना हुआ है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दूसरी इमारत को सहारा देने के लिए पिलर लगाए जा रहे हैं। मलबा हटाने और बचाव अभियान के दौरान आसपास की इमारतों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।
छात्रों की आवाजाही वाला प्रमुख इलाका है सत्य निकेतन:
सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित प्रमुख छात्र इलाकों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में छात्र पीजी और छात्रावासों में रहते हैं। क्षेत्र में कई छात्रावास हैं और इनके आसपास दिल्ली यूनिवर्सिटी के वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट, मोतीलाल नेहरू और मैत्रेयी कॉलेज स्थित हैं।
कॉलेजों और छात्रावासों की वजह से इलाके में दिनभर छात्रों की आवाजाही बनी रहती है। हालांकि, सत्य निकेतन में कुल कितने छात्र रहते हैं, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं बताया गया है।
तीन साल में भवन गिरने की 1133 घटनाएं:
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से 2025 तक दिल्ली में भवन गिरने की 1133 घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं में कुल 98 लोगों की मौत होने की जानकारी दी गई है। सत्य निकेतन का हादसा भी इसी तरह की घटनाओं के बीच सामने आया है, जिसमें अब तक सात लोगों की जान जा चुकी है और बचाव अभियान अभी जारी है।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#Tags: #Delhi #SatyaNiketan #DelhiUniversity #MCD #AIIMS #BuildingCollapse #RescueOperation
