शेरपुरिया देने वाले थे रोज़गार! हो गयें गिरफ़्तार!

लखनऊ। एसटीएफ ने संजय राय शेरपुरिया को मंगलवार देर रात विभूतिखंड इलाके से गिरफ्तार कर लिया। संजय पर संस्था बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप है। बताया जा रहा कि संजय राय की ऐसी चर्चा पहले भी थी। आरोप है कि संजय द्वारा भाजपा के बड़े नेताओं का करीबी होने का दावा कर लोगों को तरह-तरह के लालच देकर मोटी रकम वसूला जाता था। इसके अलावा भी कई तरह के बड़े फ्रॉड के आरोप हैं। एसटीएफ बुधवार को इसका खुलासा कर सकती है।

आरोप है कि संजय राय द्वारा संजय फॉर यूथ नाम की संस्था चलाया जाता है, जिसका स्लोगन है स्वरोजगार से आत्मनिर्भर गाजीपुर बनाने का लक्ष्य। जानकारी के मुताबिक संजय द्वारा अपने आपको बड़े भाजपा नेता व नामचीन अफसरों का रिश्तेदार या करीबी बताया जाता है। संजय ने दिल्ली में आलीशान बंगला कब्जा रखा है। गुजरात में इसी तरह का बड़ा नेटवर्क बनाया है। संजय द्वारा लोगों को झांसे में लेकर उनके काम कराने का दावा कर उनसे रकम वसूला जाता है।
है। ये रकम लाखों-करोड़ों में रहती है। इसको लेकर एसटीएफ लंबे समय से पड़ताल कर रही थी। खबरों के अनुसार पुख्ता साक्ष्य जुटाने के बाद संजय राय की गिरफ्तारी हुई है। एसटीएफ एडीजी अमिताभ यश ने संजय राय शेरपुरिया की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

पीएम आवास के नाम पर वाई-फाई

दिल्ली में संजय राय शेरपुरिया ने जहां पर आवास बनाया है वहां पर लगे वाई-फाई का नाम पीएम आवास लिख रखा है अधिकतर लोगों को संजय द्वारा यही बताया जाता है कि संजय का काम पीएमओ से संबंधित है। ये आवास इसीलिए मिला है। आरोप ये भी है कि भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ संजय ने एडिट कर अपनी फोटो लगाई हैं, जिसका इस्तेमाल किया जाता है।

यूपीडा से भी जुड़ें हैं तार!

उत्तर प्रदेश के मंत्री नंद गोपाल नंदी का एक लेटर वायरल हो रहा है। लेटर में यूपीडा में क्या चल रहा है? इस पत्र में सवाल पूछे गये हैं। कैसे यूपीडा में लोग रखे गये हैं? किस आधार पर उनको लाखों का पेमेंट हो रहा है? यूपीडा में रिटायरमेंट प्लान टाइप का माहौल है, साहब को सेट करो लाखों कमाओ. यूपीडा में ज़मीन से उठा कर पद, पैसा, गाड़ी बँटी है,लगातार पैसे भी बढ़ रहें हैं। सूत्र बता रहें हैं कि-वर्तमान CEO ने भी यूपीडा में क्या कैसे चल रहा है कि जाँच शुरू कर दी है। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि मीडिया सलाहकार दुर्गेश उपाध्याय, संजय राय शेरपुरिया के इशारे पर काम करता है। लेटर में लिखा है कि दुर्गेश उपाध्याय को ज्यादा वेतन किस आधार पर दिया जा रहा है? लेटर में लिखा है कि यूपीडा एक्सप्रेस वे में पैसा बचा रहा था,और मुख्यालय में पैसा लुटाया जा रहा है।

यूपीडा से संबंधित पत्र की प्रति:

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