Video:गाजीपुर एनकाउंटर पर भड़के संजय निषाद, पुलिस कार्रवाई पर उठाए बड़े सवाल
गाजीपुर (Ghazipur) में हुए चर्चित एनकाउंटर मामले को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष, निषाद पार्टी (Nishad Party) एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद (Dr. Sanjay Kumar Nishad) ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और यदि किसी व्यक्ति ने अपराध किया है तो उसे कानून के तहत न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने गाजीपुर पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
डॉ. संजय कुमार निषाद (Dr. Sanjay Kumar Nishad) का बयान ऐसे समय आया है जब विनीत राय हत्याकांड और उससे जुड़े एनकाउंटर को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि कानून के शासन में हर आरोपी को अपनी बात रखने और न्यायालय की प्रक्रिया का सामना करने का अधिकार प्राप्त है।
एनकाउंटर की परिस्थितियों पर उठाए प्रश्न:
डॉ. संजय कुमार निषाद (Dr. Sanjay Kumar Nishad) ने कहा कि कमलेश बिंद (Kamlesh Bind) को लेकर जो घटनाक्रम सामने आया है, उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि परिजन पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं तो संबंधित तथ्यों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच से ही सच्चाई सामने आ सकेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी मामले में कई आरोपी शामिल हैं तो जांच और कार्रवाई सभी तथ्यों के आधार पर समान रूप से होनी चाहिए। उन्होंने गाजीपुर पुलिस से कार्रवाई के विभिन्न पहलुओं पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।
कानूनी प्रक्रिया और अधिकारों का किया उल्लेख:
अपने वक्तव्य में डॉ. संजय कुमार निषाद (Dr. Sanjay Kumar Nishad) ने कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था में आरोपियों को न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करने और अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहते हुए सभी प्रक्रियाओं का पालन होना चाहिए ताकि न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बना रहे।
उन्होंने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में पुलिस और प्रशासन को कानून के अनुरूप कार्रवाई करते हुए पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल:
डॉ. संजय कुमार निषाद (Dr. Sanjay Kumar Nishad) ने यह भी कहा कि यदि किसी कार्रवाई के बाद सामाजिक प्रतिक्रिया की संभावना थी तो प्रशासन को पहले से आवश्यक तैयारी करनी चाहिए थी। उन्होंने प्रश्न उठाया कि संबंधित खुफिया तंत्र और स्थानीय व्यवस्था ने संभावित परिस्थितियों का आकलन किस प्रकार किया।
उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और संवाद की आवश्यकता होती है।
निषाद समाज से जुड़े मुद्दों का किया उल्लेख:
अपने बयान में उन्होंने निषाद समाज के इतिहास और सामाजिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी समुदाय के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान होना चाहिए और कार्रवाई भी निष्पक्ष तरीके से की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या समुदाय को यह महसूस होता है कि उसके साथ अन्याय हुआ है तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में उसे अपनी बात रखने और न्याय की मांग करने का अधिकार है।
मुख्यमंत्री के समक्ष मामला रखने की बात:
डॉ. संजय कुमार निषाद (Dr. Sanjay Kumar Nishad) ने कहा कि वह इस पूरे प्रकरण को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के समक्ष भी रखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह न्यायिक और संवैधानिक माध्यमों से भी अपनी बात रखेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के सहयोगी के रूप में उनकी प्राथमिकता समाज के हितों की रक्षा करना है और किसी भी प्रकार की शिकायत या विवाद का समाधान कानून और संविधान के दायरे में होना चाहिए।
निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई:
अपने वक्तव्य के अंत में डॉ. संजय कुमार निषाद (Dr. Sanjay Kumar Nishad) ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि सभी तथ्यों की स्पष्टता सामने आ सके। उन्होंने कहा कि कानून का सम्मान करते हुए न्याय सुनिश्चित करना ही लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
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