उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद ने विवादित बयान दिया है। संजय निषाद अपनी पार्टी की जनाधिकार यात्रा लेकर सुलतानपुर पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने पुलिस को लेकर विवादित बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि मैं ऐसे नहीं यहां पर पहुंचा हूं, बल्कि 7 दरोगा का हाथ-पैर तुड़वाकर, उनको गड्ढे में फेंकवाकर यहां तक पहुंचा हूं।
बता दें कि 14 मार्च को होली के दिन सुल्तानपुर में ही एक घटना घटी थी। यहां पर रंग खेलने के दौरान एक दलित और निषाद परिवार के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान दोनों परिवारों के बीच मारपीट भी हुई और दलित परिवार के कहने पर शाहपुर ग्राम प्रधान समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें से प्रधान समेत चार लोगों को जेल भी भेज दिया गया। निषाद परिवार ने इसकी शिकायत संजय निषाद से की तो उन्होंने सीओ और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया।
संजय निषाद का हूबहू बयान पढ़िए-
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार संजय निषाद ने कहा था कि मुझे सब मालूम है कि कौन फर्जी फंसा रहा है। उसे मैं खत्म करा दूंगा। मैं महिलाओं के लिए और गरीबों के लिए पैदा हुआ हूं। मैं सड़क पर आप लोगों के लिए आया हूं। यहां तक ऐसे ही नहीं पहुंचा। 7 दरोगा के हाथ-पैर तुड़वाकर गड्ढे में फेंकवा दिया। तब जाकर डॉक्टर संजय यहां पहुंचा। कोई भी घटना होने पर आप लोग तुरंत नहीं बताते हैं, बल्कि जेल जाने के बाद हमें सूचना मिलती है। आप लोगों की कमी है। मेरा मोबाइल नंबर सबके पास है। नहीं है तो नेट से निकाल लीजिए। खाली यह लिखकर भेज दो कि मेरे साथ अन्याय हो रहा है। मैं किसी के PA से नहीं, बल्कि सीधे डीएम-एसपी को कॉल करता हूं। पांच मिनट में रिप्लाई नहीं आया तो मुख्यमंत्री के पास शिकायत करता हूं। पहले निषादों की आवाज कोई नहीं उठाता था। लेकिन अब आप बोलने लायक हो गए हैं। बोलना आपका अधिकार है। संविधान से देश चलता है। आपके पुरखों ने देश आजाद कराया है।
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