उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सहारनपुर (Saharanpur) कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ढहाए जाने के बाद नीचे मिले कुएं की जांच के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम सोमवार को मौके पर पहुंची। एएसआई के तीन अधिकारी दोपहर करीब दो बजे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और कुएं का मुआयना शुरू किया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। कुएं की उम्र और उसकी वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए आगे इसकी खुदाई भी कराई जा सकती है।
एएसआई अधिकारियों ने कुएं का किया मुआयना:
मौके पर पहुंची एएसआई की टीम ने कुएं की स्थिति को करीब से देखा। अधिकारियों ने सीढ़ी लगाकर कुएं के अंदर जाकर जांच की और करीब 10 मिनट तक अंदर रहे। इस दौरान कुएं की फोटोग्राफी भी कराई गई। इसके बाद अधिकारी बाहर आए। कुएं की गहराई नापने के लिए फीते का भी इस्तेमाल किया गया। मौके पर प्रशासन की टीम मौजूद रही और पूरे निरीक्षण के दौरान सुरक्षा के इंतजाम किए गए।
एएसआई अधिकारी मनोज कुमार यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कुआं करीब 200 से 250 साल पुराना प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि अभी जांच जारी है और अंतिम जानकारी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मलबा हटाने पर सामने आया था कुआं:
बताया गया कि शनिवार को करीब 16 घंटे तक बुलडोजर चलाकर मस्जिद को ढहाया गया था। इसके बाद रविवार सुबह जब मलबा हटाने का काम किया गया तो उसके नीचे कुआं मिला। कुएं की गहराई करीब 20 फीट और चौड़ाई लगभग डेढ़ मीटर बताई गई है।
कुएं में मलबा न जाने पाए, इसके लिए पुलिस ने उसे लोहे की चादर से ढक दिया है। कुआं कितना पुराना है और इसकी वास्तविक स्थिति क्या है, इसका पता लगाने के लिए प्रशासन की ओर से एएसआई की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है।
मौके पर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग:
कलेक्ट्रेट परिसर में कुएं के आसपास सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। क्षेत्र में बैरिकेडिंग की गई है और किसी को भी मौके तक जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद है और जांच की प्रक्रिया पर नजर रख रही है।
मस्जिद की शिकायत करने वाले विकास त्यागी ने दावा किया कि इस स्थान पर पहले मंदिर रहा होगा और उसे तोड़कर मस्जिद बनाए जाने की जांच होनी चाहिए। वहीं मुस्लिम धर्मगुरुओं और मस्जिद पक्ष की ओर से दावा किया गया है कि मस्जिद करीब 100 साल पुरानी थी। उनके मुताबिक, करीब 70 साल पुराने वक्फ दस्तावेजों में भी मस्जिद का उल्लेख है।
सहारनपुर जाने को लेकर सियासत तेज:
कुएं की जांच के साथ ही मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। सहारनपुर जाने वाले विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल सपा विधायक अतुल प्रधान को मेरठ (Meerut) में पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। बताया गया कि प्रधान जैसे ही अपने घर से कार में सवार होकर निकलने लगे, पुलिस ने आगे जीप खड़ी कर दी।
इस दौरान अतुल प्रधान ने पुलिस से कहा कि उनके पास लाठी है और वे इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन वह सहारनपुर जरूर जाएंगे। वहीं सपा विधायक आशु मलिक और सपा नेता शायान मसूद को भी पुलिस ने रोक दिया। यह प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचकर कमिश्नर से मुलाकात करने वाला था।
कमिश्नर कार्यालय पहुंचे हरेंद्र मलिक:
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के सपा सांसद हरेंद्र मलिक भी कमिश्नर कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां अधिकारी मौजूद नहीं मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। वहीं सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सहारनपुर जाने से रोकना उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वह लोग रास्ता बदलकर किसी तरह सहारनपुर पहुंचे हैं।
इकरा हसन ने आरोप लगाया कि लोगों को मौके पर जाने से इसलिए रोका जा रहा है, ताकि मनमानी की जा सके। उन्होंने कहा कि मस्जिद गिराए जाने को लेकर कोई ऐसा आदेश नहीं था, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया गया। उनके मुताबिक, मस्जिद को रातोंरात गिरा दिया गया और कार्रवाई अधिकारियों की मौजूदगी में हुई।
कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने उठाए सवाल:
सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि जिन अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई हुई, वे अब मिलने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि संबंधित पक्ष के पास न्यायालय जाने का रास्ता था, लेकिन पर्याप्त समय नहीं दिया गया। इकरा हसन ने बिना सूचना मस्जिद गिराए जाने का आरोप लगाते हुए इसे साजिश बताया।
उन्होंने कहा कि बुलडोजर के जरिए की गई कार्रवाई को न्याय नहीं कहा जा सकता। वहीं दूसरी ओर, कुएं की उम्र और उससे जुड़े तथ्यों को लेकर एएसआई की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही कुएं के संबंध में सही जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।
#Tags: #Saharanpur #ASI #Mosque #Well #AtulPradhan #IqraHasan #HarendraMalik
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
