उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद (Dr. Rishikesh Bhaskar Yashod) की विदेश यात्रा को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश में 13 मई को आए भीषण आंधी-तूफान में 117 लोगों की मौत के बीच राहत आयुक्त के विदेश दौरे पर रहने की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने नाराजगी जताई है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने इस मामले में मुख्य सचिव एसपी गोयल (SP Goyal) से जवाब तलब किया है और विदेश यात्रा की अनुमति दिए जाने के कारणों पर स्पष्टीकरण मांगा है।
मामला ऐसे समय में सामने आया है जब प्रदेश के कई जिलों में प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की जा रही थी। इसी दौरान राहत आयुक्त की अनुपस्थिति को लेकर सवाल खड़े हुए।
आंधी-तूफान के बीच विदेश यात्रा पर गए अधिकारी:
जानकारी के अनुसार, 13 मई को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के विभिन्न क्षेत्रों में तेज आंधी और तूफान ने व्यापक असर डाला था। इस प्राकृतिक आपदा में 117 लोगों की मृत्यु हो गई थी, जबकि कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ था। बताया गया कि राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद (Dr. Rishikesh Bhaskar Yashod) ने 14 मई को आधे दिन तक कार्यालय में कार्य किया और इसके बाद 15 मई से 23 मई तक नौ दिन की विदेश यात्रा पर चले गए।
इस अवधि में राहत कार्यों, मुआवजा वितरण और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की निगरानी जैसे महत्वपूर्ण कार्य जारी थे, जिसके कारण उनके विदेश दौरे को लेकर सवाल उठने लगे।
रिपोर्ट मांगने पर सामने आई जानकारी:
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने आंधी-तूफान से प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की प्रगति, मृतकों के परिजनों को दी जा रही सहायता और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए राहत आयुक्त से रिपोर्ट मांगी थी। इसी दौरान जानकारी मिली कि राहत आयुक्त अवकाश पर विदेश में हैं।
बताया जाता है कि इसके बाद मामले की जानकारी जुटाई गई, जिसमें यह सामने आया कि उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति मुख्य सचिव एसपी गोयल (SP Goyal) की ओर से प्रदान की गई थी। इस पर मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से स्पष्टीकरण मांगा।
मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी:
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने इस बात पर असंतोष व्यक्त किया कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मंत्री और अधिकारियों से बिना आवश्यक कारण विदेश यात्रा से बचने की अपील की थी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में आपदा की स्थिति के दौरान राहत आयुक्त को विदेश जाने की अनुमति दी गई।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने यह जानना चाहा कि ऐसी परिस्थितियों में संबंधित अधिकारी को विदेश यात्रा की स्वीकृति किन परिस्थितियों में दी गई और इसके पीछे क्या कारण थे।
प्रधानमंत्री की अपील का भी हुआ उल्लेख:
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने 10 मई को देशवासियों, मंत्रियों और अधिकारियों से कम से कम एक वर्ष तक विदेश यात्राओं से बचने की अपील की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भी विभिन्न बैठकों में इस संदेश को दोहराया था। ऐसे में राहत आयुक्त की विदेश यात्रा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई।
मुख्य सचिव ने रखा अपना पक्ष:
मामले में मुख्य सचिव एसपी गोयल (SP Goyal) की ओर से भी पक्ष रखा गया है। सूत्रों के अनुसार, उनका कहना है कि राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद (Dr. Rishikesh Bhaskar Yashod) को विदेश यात्रा की अनुमति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अपील से पहले ही प्रदान कर दी गई थी। इसी कारण बाद में उनकी यात्रा को निरस्त नहीं किया गया।
मुख्य सचिव की इस दलील के बाद भी पूरे मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है और इसे प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राहत आयुक्त की प्रतिक्रिया भी आई सामने:
जब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद (Dr. Rishikesh Bhaskar Yashod) से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि वह कहां गए थे, इसकी जानकारी वह नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जहां से यह जानकारी प्राप्त हुई है, वहीं से इस संबंध में अधिक जानकारी ली जा सकती है।
हालांकि, मामले को लेकर आधिकारिक स्तर पर आगे क्या निर्णय लिया जाएगा, इस संबंध में फिलहाल कोई सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है।
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