गाजीपुर। आखिरकार समाजसेवी एवं सपा नेता राजकुमार पांडेय की पहल पर दलित समुदाय के दो पक्षों के बीच महीनों से चल रहा विवाद खत्म हुआ। दोनों पक्षों ने राजकुमार पांडेय की बातों को मानते हुए आपस में सुलह समझौता कर लिया। मामला करंडा क्षेत्र के नारी पचदेवरा गांव का है। जहां बीते वर्ष अगस्त माह में दलित समुदाय के दो पक्षों के बीच आपसी विवाद हो गया था। मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। लगभग 5 माह बाद मशहूर समाजसेवी और सपा नेता राजकुमार पांडेय द्वारा की गई पंचायत में दोनों पक्षों ने लिखित रूप में आपसी सुलह समझौता कर लिया और राजी खुशी घर चले गए।

इस वाकये ने राजकुमार पांडेय की दलित समुदाय में पकड़ को जाहिर किया है। राजकुमार पांडेय ने इस मामले में कहा कि मैं विवाद बढ़ाने नहीं, विवाद खत्म करने में विश्वास रखता हूं और लोगों से आपस में भाईचारे के साथ रहने की अपील भी करता हूं।
मालूम हो कि राजकुमार पांडेय कई सालों से क्षेत्र में अपनी समाज सेवा के लिए मशहूर हैं। चाहे वह किसी अभावग्रस्त के घर शादी का मौका हो या किसी असहाय के घर तेरहवीं का अवसर, किसी मंदिर का जीर्णोद्धार हो या जरूरतमंदों की जरूरत, उन्होंने हर मौके पर मदद के हाथ बढ़ाएं हैं। इतना ही नहीं करोना काल में जिस वक्त लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया था, राजकुमार पांडेय ने तमाम जरूरतमंदों, असहायों की आर्थिक मदद भी की थी। क्षेत्र का एक तबका उन्हें मददगार के रूप में देखता है।






