रिपोर्टर : प्रदीप शर्मा
जनपद में हाल ही में हुई भारी बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए अलर्ट के बीच हुई लगातार वर्षा से किसानों की फसलें पूरी तरह चौपट हो गईं। धान, आलू, दलहन और सब्जियों की फसलें पानी में सड़ गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के कार्यकर्ताओं ने जिला अधिकारी (District Magistrate) को पत्रक सौंपा और प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा दिलाने की मांग की। इस दौरान सपा के जिला अध्यक्ष गोपाल सिंह यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धान की फसल बर्बादी पर चिंता व्यक्त:
सपा जिला अध्यक्ष गोपाल सिंह यादव ने कहा कि किसानों की धान की फसलें खेतों में काट कर पड़ी थीं, जो अब बारिश के पानी में सड़ रही हैं। कई जगहों पर धान की फसलें जो अभी कटी नहीं थीं, वे भी भारी वर्षा के चलते गिरकर बर्बाद हो चुकी हैं। खेतों में जलभराव इतना ज्यादा है कि पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा है, जिससे फसलों का सड़ना तय है। उन्होंने कहा कि यह किसानों की मेहनत पर पानी फिरने जैसा है और प्रशासन को तत्काल राहत कार्य शुरू करना चाहिए।
खेतों में जलभराव से बिगड़ा हालात:
कई क्षेत्रों में धान की फसल के साथ-साथ खेतों में पानी भरने से मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं निकाला गया तो वे अगली फसल की बुआई नहीं कर पाएंगे। सपा नेताओं ने मांग की कि जिन किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, उनकी जांच कर तत्काल क्षतिपूर्ति दी जाए और खेतों से पानी निकालने की प्रभावी व्यवस्था की जाए ताकि किसान अगली फसल तैयार कर सकें।
आलू और दलहन फसलों को भी भारी नुकसान:
धान की फसल के अलावा, बारिश ने अगेती आलू और दलहन की फसलों को भी नहीं छोड़ा। यादव ने बताया कि कई किसानों ने पहले ही आलू और दलहन की बुआई कर दी थी, लेकिन लगातार हुई बारिश से ये फसलें भी खेतों में सड़ गईं। इससे किसानों पर दोहरी मार पड़ी है — एक तरफ पहले की मेहनत बर्बाद हुई और दूसरी ओर अगली फसल की तैयारी पर संकट मंडरा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तत्काल सर्वे करा कर सभी प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वे पुनः खेती शुरू कर सकें।
प्रशासन से तत्काल राहत की मांग:
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने जिला प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर राहत कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल किसानों का नहीं बल्कि पूरे ग्रामीण अर्थतंत्र का मुद्दा है, क्योंकि फसलों की बर्बादी से गांव की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ता है। सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
#Tag: #UttarPradesh #Farmers #SamajwadiParty #RainDamage #AgricultureLoss
डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

