CBSE के जिस छात्र को ‘पाकिस्तानी’ बताया गया, राहुल गांधी ने उनसे क्या बात की?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं कक्षा के कुछ छात्रों से मुलाकात कर उनकी शिकायतों को सुना। इस बातचीत का एक वीडियो उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर साझा किया। वीडियो के साथ राहुल गांधी ने लिखा कि जिन छात्रों ने सीबीएसई (CBSE) और केंद्र सरकार से अपनी उत्तर पुस्तिकाओं को लेकर सवाल पूछे, उन्हें जवाब मिलने के बजाय आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
वीडियो में छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और कॉपी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को लेकर अनुभव साझा किए। इस दौरान राहुल गांधी ने छात्रों की बात सुनी और उनसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
वेदांत ने उत्तर पुस्तिका को लेकर उठाया सवाल:
राहुल गांधी से बातचीत करने वाले छात्रों में वेदांत भी शामिल थे। वेदांत की एक सोशल मीडिया पोस्ट पहले चर्चा में आई थी। उन्होंने दावा किया था कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान पोर्टल पर उनकी भौतिक विज्ञान की उत्तर पुस्तिका के स्थान पर किसी अन्य छात्र की कॉपी अपलोड हो गई थी।
वेदांत ने बातचीत में बताया कि परीक्षा अच्छी होने के बावजूद अपेक्षा के अनुरूप अंक नहीं मिले। इसके बाद उन्होंने उत्तर पुस्तिका की प्रति प्राप्त करने के लिए आवेदन किया। उनका कहना था कि कॉपी के पहले पृष्ठ पर उनकी लिखावट थी, जबकि आगे के पन्नों पर किसी अन्य व्यक्ति की लिखावट दिखाई दी। इस पर उन्होंने अपनी बात सोशल मीडिया पर रखी, जिसके बाद कई अन्य छात्रों ने भी इसी प्रकार की शिकायतें सामने रखीं।
छात्रों ने बताया सोशल मीडिया पर मिली प्रतिक्रियाएं:
बातचीत के दौरान कुछ छात्रों ने कहा कि जब उन्होंने अपनी समस्याओं को सार्वजनिक रूप से उठाया तो उन्हें सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। छात्रों का दावा था कि उन्हें कुछ लोगों द्वारा एंटी-नेशनल, डीप स्टेट एजेंट, जासूस और अन्य शब्दों से संबोधित किया गया।
राहुल गांधी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्र केवल अपनी उत्तर पुस्तिकाओं और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी समस्या का समाधान तभी संभव है जब पहले उसे स्वीकार किया जाए और उसकी जांच की जाए।
प्रधानमंत्री पर भी साधा निशाना:
छात्रों से मुलाकात का वीडियो साझा करने के कुछ घंटे बाद राहुल गांधी ने एक और पोस्ट किया। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की शिकायतों और उत्तर पुस्तिकाओं से जुड़े सवालों पर जवाब दिया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग प्रक्रिया में बदलाव किए गए हैं। उनके अनुसार मई 2025 में जारी टेंडर में उत्तर पुस्तिकाओं को उच्च गुणवत्ता के साथ स्कैन करने की शर्तें थीं, लेकिन बाद में जारी नए टेंडर में इन शर्तों में बदलाव किया गया।
कांग्रेस ने डेटा सुरक्षा को लेकर जताई चिंता:
कांग्रेस पार्टी ने सीबीएसई (CBSE) की ओएसएम (OSM) प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता Jairam Ramesh ने दावा किया कि बड़ी संख्या में छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होने की आशंका है, जिससे निजता संबंधी चिंताएं पैदा होती हैं।
पार्टी ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कहीं कोई तकनीकी या प्रशासनिक कमी है तो उसे दूर किया जाए।
राहुल गांधी ने कंपनी पर भी उठाए सवाल:
इससे पहले राहुल गांधी ने उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन का कार्य करने वाली कंपनी को लेकर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि सीबीएसई (CBSE) द्वारा चयनित कंपनी सीओईएमपीटी (COEMPT) के चयन की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने पूछा था कि कंपनी को ठेका किस प्रक्रिया के तहत दिया गया और क्या सभी निर्धारित नियमों का पालन किया गया। उन्होंने कंपनी के पुराने नाम और उससे जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया था।
सीबीएसई ने आरोपों को बताया निराधार:
सीबीएसई (CBSE) ने राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित कंपनी को अनुबंध देने की प्रक्रिया पूरी तरह निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप अपनाई गई थी। बोर्ड का कहना है कि लगाए गए आरोप भ्रामक हैं और उपलब्ध तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
बोर्ड के अनुसार डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच अधिक तेज और सटीक तरीके से होती है। इससे अंकों के जोड़ और डेटा प्रविष्टि से जुड़ी संभावित त्रुटियों में भी कमी आती है।
कंपनी पर पहले भी लग चुके हैं आरोप:
सीओईएमपीटी (COEMPT) एडूटेक, जिसका पूर्व नाम ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड था, विभिन्न राज्यों में डिजिटल मूल्यांकन का कार्य करती है। वर्ष 2019 में तेलंगाना (Telangana) के बोर्ड परीक्षा परिणामों को लेकर कंपनी का नाम विवादों में आया था। उस समय डेटा प्रोसेसिंग में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए गए थे।
हालांकि वर्तमान मामले में संबंधित पक्षों की ओर से अपने-अपने दावे और जवाब सामने आए हैं। छात्रों की शिकायतों, कांग्रेस के आरोपों और सीबीएसई (CBSE) के स्पष्टीकरण के बीच यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।
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