पुट्टपर्थी (Puttaparthi), आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन (Aishwarya Rai Bachchan) ने प्रेम, मानवता और एकता का गहरा संदेश दिया। यह आयोजन सत्य साई बाबा (Sri Sathya Sai Baba) की जन्म शताब्दी (Birth Centenary) के उपलक्ष्य में किया गया था, जिसमें देश-दुनिया के कई प्रमुख व्यक्तित्व शामिल हुए। ऐश्वर्या ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया में केवल मानवता ही सच्ची जाति है और प्रेम ही वह धर्म है जो सभी को जोड़कर रखता है।
जन्म शताब्दी कार्यक्रम का उद्देश्य: पुट्टपर्थी में यह विशाल समारोह सत्य साई बाबा की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस आयोजन का उद्देश्य सत्य साई बाबा के जीवन, उनके आध्यात्मिक विचारों और सेवा के सिद्धांतों को स्मरण करना था। इस कार्यक्रम में उनकी शिक्षाओं से जुड़े संदेशों को व्यापक रूप से साझा किया गया और समाज में एकता, करुणा और मानव सेवा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। आयोजन स्थल पर देशभर से आए अनुयायियों और आगंतुकों ने बाबा के सिद्धांतों को याद करते हुए उनके योगदान का सम्मान किया।
कार्यक्रम में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति: इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) और कई अन्य प्रमुख व्यक्तित्व इस आयोजन का हिस्सा बने। इनके साथ-साथ फिल्म जगत से ऐश्वर्या राय बच्चन ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जहाँ उन्होंने मंच से प्रेरणादायक संबोधन दिया। इतने बड़े स्तर पर प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
ऐश्वर्या राय बच्चन का मानवता पर विचार: अपने वक्तव्य में ऐश्वर्या राय बच्चन ने कहा कि दुनिया में केवल एक ही जाति है—मानवता की जाति। उन्होंने यह भी कहा कि प्रेम का धर्म ही ऐसा धर्म है जो सभी को एक सूत्र में बाँधता है और यह कि दिल की भाषा हर जगह बिना किसी बाधा के समझी जाती है। ऐश्वर्या ने यह भी कहा कि ईश्वर सर्वव्यापक है, जो पूरी सृष्टि में विद्यमान है। उनके ये शब्द शांति और सद्भाव का संदेश देने वाले थे।
प्रेम और एकता का सार्वभौमिक संदेश: ऐश्वर्या द्वारा दिया गया संदेश न केवल कार्यक्रम में बैठे लोगों को भावुक कर गया, बल्कि समाज के लिए एक मजबूत वैचारिक दृष्टि भी प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि समाज को जाति, धर्म और भाषा के भेद से ऊपर उठकर प्रेम और इंसानियत की राह पर चलना चाहिए। ऐसा संदेश आधुनिक समय में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जब समाज विभिन्न विभाजनों से जूझ रहा है।
सत्य साई बाबा की शिक्षाओं से जुड़ा विचार: ऐश्वर्या की कही गई बातें सत्य साई बाबा की उन्हीं शिक्षाओं को दोहराती हैं, जिनका मूल भाव मानवता की सेवा और सार्वभौमिक प्रेम है। उनके संबोधन से यह स्पष्ट दिखा कि वह बाबा के सिद्धांतों से गहराई से प्रभावित हैं और उन्हीं विचारों को अपने शब्दों में आगे बढ़ा रही हैं।
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