मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के हालिया बयान के बाद उत्तर प्रदेश के क्रिकेट जगत में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिल रहा है। लगभग 25 करोड़ आबादी वाले विशाल राज्य में केवल एक रणजी टीम होने पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में लाखों युवा क्रिकेट खेलते हैं, लेकिन बहुतों को सही मंच न मिल पाने के कारण उनकी प्रतिभा आगे नहीं बढ़ पाती। उन्होंने संकेत दिए कि यदि प्रदेश में चार टीमें होंगी तो खिलाड़ियों को अधिक अवसर मिलने के साथ-साथ भारतीय क्रिकेट को भी लाभ पहुंचेगा। इस बयान ने पूर्वांचल के खिलाड़ियों और पूर्वांचल क्रिकेट एसोसिएशन (Purvanchal Cricket Association) में नई उम्मीद जगा दी है।
मुख्यमंत्री के बयान से बढ़ी संभावनाएं:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी टी-20 लीग के फाइनल मुकाबले के दौरान कहा था कि उत्तर प्रदेश जैसा बड़ा राज्य अधिक टीमों का हकदार है। उनके इस विचार ने वर्षों से उठ रही इस मांग को फिर से जीवंत कर दिया है कि रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश की एक से अधिक टीमों को उतरने का अवसर मिलना चाहिए। पूर्वांचल के युवाओं में इस बयान के बाद उत्साह और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
पूर्वांचल क्रिकेट एसोसिएशन की लंबे समय से उठती रही मांग:
पूर्वांचल क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) पिछले कई वर्षों से बीसीसीआई (BCCI) से मान्यता की मांग कर रहा है। एसोसिएशन के सचिव एस.एम. अरशद (S.M. Arshad) ने बताया कि वर्ष 2005 से संगठन लगातार पूर्वांचल के खिलाड़ियों के हित में कई सफल गतिविधियाँ और प्रतियोगिताएँ आयोजित कर रहा है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा इस दिशा में सकारात्मक संकेत देने के बावजूद मामला अब तक लंबित है, लेकिन मुख्यमंत्री के इस बयान से उन्हें नई उम्मीद मिली है।
मान्यता मिलने की उम्मीद तेज़ हुई:
एस.एम. अरशद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं राज्य की क्रिकेट संरचना में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया है और अब उन्हें विश्वास है कि बीसीसीआई इस वर्ष के अंत तक या अगले वर्ष पूर्वांचल क्रिकेट एसोसिएशन को औपचारिक मान्यता दे सकता है। उन्होंने आगे बताया कि पूर्वांचल टी-20 क्रिकेट लीग का सफल आयोजन बनारस, चंदौली और जौनपुर में किया गया था, जिसका उद्देश्य स्थानीय खिलाड़ियों को बड़े मंच के लिए तैयार करना था।
25 करोड़ आबादी पर केवल एक रणजी टीम पर सवाल:
अरशद के अनुसार, इतनी बड़ी आबादी वाले प्रदेश का प्रतिनिधित्व केवल एक रणजी टीम द्वारा होना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इतने विशाल खिलाड़ी आधार के बावजूद प्रतिभाएँ पीछे रह जाती हैं। मुख्यमंत्री के बयान ने इस विषय को मजबूती से आगे बढ़ाया है, जिससे उम्मीद बढ़ी है कि जल्द ही पूर्वांचल की टीम रणजी ट्रॉफी में खेलती दिखाई दे सकती है।
पूर्वांचल के खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर:
पूर्वांचल क्रिकेट एसोसिएशन के निदेशक दिव्य नौटियाल (Divya Nautiyal) ने कहा कि प्रदेश में क्रिकेट संरचना को विकेंद्रित करने की दिशा में मुख्यमंत्री का यह बयान ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है। यदि बीसीसीआई पूर्वांचल क्रिकेट एसोसिएशन को मान्यता देता है, तो यह प्रदेश के हजारों युवा क्रिकेटरों के लिए सपनों को साकार करने का एक बड़ा मंच उपलब्ध कराएगा।
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