प्रयागराज में गोहत्या का सनसनीखेज मामला, गोरक्षा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर लगाया आरोप
प्रयागराज (Prayagraj) के पूरामुफ्ती थाना (Puramufti Police Station) क्षेत्र अंतर्गत बमरौली कछार इलाके में गोवंश की निर्मम हत्या का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। आरोप है कि तीन युवकों ने एक पेड़ में गोवंश को बांधकर उसकी हत्या कर दी। घटना की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) के गोरक्षा विभाग से जुड़े कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे, जहां आरोपियों ने हाथों में चापड़ लेकर उन्हें दौड़ा लिया। हालात बिगड़ते देख कार्यकर्ता पुलिस चौकी पहुंचे, लेकिन वहां से भी उन्हें तत्काल मदद नहीं मिल सकी।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। शुरुआत में लिखित शिकायत के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, जिसके बाद संगठन ने उच्च स्तर पर शिकायत की। बाद में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
मौके पर पहुंचने में पुलिस पर लापरवाही का आरोप:
विश्व हिंदू परिषद (VHP) गोरक्षा विभाग का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते घटनास्थल पर पहुंच जाती, तो गोवंश की जान बचाई जा सकती थी। संगठन का आरोप है कि गोवंश को सरसों के खेत में एक पेड़ से बांधकर मारा गया। जब गोरक्षा कार्यकर्ताओं ने आरोपियों को रोकने की कोशिश की तो वे चापड़ लहराते हुए भागने लगे और कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकी दी। ऐसे में मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
लिखित शिकायत के बाद भी नहीं दर्ज हुई FIR:
घटना के बाद गोरक्षा विभाग की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन इसके बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इस बात को लेकर संगठन में नाराजगी देखी गई। बुधवार को विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री लाल मणि तिवारी ने पूरे मामले की शिकायत दोबारा दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू की।
गोरक्षा विभाग की सतर्कता के बावजूद वारदात:
विश्व हिंदू परिषद (VHP) गोरक्षा विभाग के प्रांत मंत्री लाल मणि तिवारी के अनुसार, बमरौली कछार क्षेत्र में पहले भी गोहत्या की सूचनाएं मिलती रही हैं। इसी को देखते हुए गोरक्षा कार्यकर्ताओं को पहले से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे।
4 जनवरी की सुबह करीब 10 बजे सूचना मिली कि कुछ कसाइयों ने एक गोवंश को खेत में बांध रखा है। इस पर गोरक्षा कार्यकर्ता अमित मिश्रा, मनीष कुशवाहा, मक्खन पाल और सुमित वर्मा तुरंत मौके की ओर रवाना हुए।
चौकी प्रभारी को दी गई थी सूचना:
गोरक्षा कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने घटना की जानकारी मिलते ही बमरौली चौकी प्रभारी संजीव चौधरी को फोन कर तुरंत मौके पर पहुंचने का आग्रह किया था। आरोप है कि इसके बावजूद चौकी प्रभारी करीब डेढ़ घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंचे। इस देरी के दौरान आरोपी गोवंश की हत्या कर चुके थे।
हथियार लहराते हुए फरार हुए आरोपी:
कार्यकर्ताओं और पुलिस को आता देख आरोपी हाथों में चापड़ लहराते हुए मौके से फरार हो गए। गोरक्षा कार्यकर्ताओं ने उनका काफी दूर तक पीछा किया, लेकिन वे पकड़ में नहीं आ सके। संगठन का आरोप है कि चौकी प्रभारी ने यह कहकर पीछा करने से मना कर दिया कि पिस्टल चौकी में रखी है और बिना हथियार पीछा करना खतरनाक हो सकता है। इसी कारण आरोपी भागने में सफल रहे।
पुलिस ने एक आरोपी को लिया हिरासत में:
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस हरकत में आई और प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में तनाव, कार्रवाई की मांग तेज:
घटना के बाद से बमरौली कछार क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। गोरक्षा संगठन ने पुलिस प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि गोवंश हत्या जैसी घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित करती हैं।
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