पेगसस और गोरखपुर दंगा वाले मुद्दों के बिच गाजीपुर में कोर्ट द्वारा सपा विधायक पर किया आरोप तय करने की खबर…

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26 अगस्त 2022, भारत के 48वें मुख्य न्यायधीश एन वी रमना रिटायर हो हो रहे हैं. अब जस्टिस यूयू ललित देश के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। चीफ जस्टिस एनवी रमना ने उनके नाम की सिफारिश अपने उत्तराधिकारी के तौर पर की है। जस्टिस यूयू ललित भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश होंगे। जस्टिस यूयू ललित का चीफ जस्टिस के तौर पर कार्यकाल काफी छोटा होगा और वह 8 नवंबर, 2022 को रिटायर हो जाएंगे।

जस्टिस यूयू ललित को 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले में विशेष सरकारी अधिवक्ता के तौर पर सीबीआई का पक्ष रखने का मौका मिला था। वहीँ भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में अपने अंतिम दिन यानि 26 अगस्त 2022 को जस्टिस एनवी रमण ने पांच हाई-प्रोफाइल मामलों में फैसला पर फैसला सुनाया। भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ शुक्रवार की सुबह जिन पांच मामलों में फैसला सुनाया उसकी सूची इस प्रकार है…

  • चुनावी मुफ्त योजना
  • 2007 गोरखपुर दंगों पर याचिका
  • कर्नाटक खनन मामला
  • राजस्थान माइनिंग लीज इश्यू
  • दिवालियापन कानून के तहत परिसमापन कार्यवाही पर विनियम

चीफ जस्टिस ने गुरुवार को इन चार मामलों पर की थी सुनवाई
1. चीफ जस्टिस ने ठंडे बस्ते में पडे़ पेगसस के मामले को सुना
2. दूसरे नंबर पर पंजाब में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले को सुना 
3. तीसरे नंबर पर चीफ जस्टिस रमना ने PMLA एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आई रिव्यू पिटीशन को सुना.
4. चौथे नंबर पर बिलकिस बानो के मामले पर सुनवाई हुई

अब पेगासस तो आप समझ ही रहे होंगे, मोटी भाषा में समझिये कहा जा रहा हा कि पेगासस यानि वो इजराइली मालवेयर जो किसी के फ़ोन में चला जायेगा और सब कुछ पता चल जायेगा, मोबाइल का कैमरा और माइक ओं रहेगा, सुनने और देखने वाला, आपकी निजिता का हनन कर देगा. विपक्ष ने मोदी दरकार पर आरोप लगाया है की वो पेगसस खरीद कर अपने फायदे के लिए विपक्ष, पत्रकार और अन्य लोगों की जासूसी कर रही है. सुप्रीम कोर्ट में पेगासस मामले की सुनवाई हुई. CJI एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच ने ये सुनवाई की. इस मामले में जस्टिस आरवी रवींद्रन की अगुवाई वाली कमेटी रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है.सीजेआई ने कहा कि रिपोर्ट दाखिल की गई है, तीन भागों में दी गई है.  सीजेआई ने कहा कि रिपोर्ट कहती है कि 29 मोबाइल फोन में 5 में मैलवेयर पाया गया है , लेकिन इससे ये नहीं कहा जा सकता कि ये पेगासस स्पाइवेयर है.

सीजेआई ने आगे कहा कि हम कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करेंगे. इसमें कोई सीक्रेट नहीं है.  सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर डाल दें. समिति को मोबाइल फोन में पेगासस के सबूत नहीं मिले और समिति ने ये भी कहा कि केंद्र सरकार सहयोग नहीं कर रही.

खैर कहा जा रहा है कि सहयोग तो अब्बास अंसारी भी नहीं कर रहे हैं और कोर्ट ने उन्हें भगौड़ा घोषित कर दिया. लखनऊ पुलिस ने एमपी/एमएलए कोर्ट में एक रिपोर्ट जमा की थी. इसी के आधार पर स्पेशल कोर्ट ने अब्बास अंसारी को भगोड़ा घोषित किया है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी. मुख्तार अंसारी के बेटा अब्बास अंसारी शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग से जुड़े एक मामले में वांछित है. अब्बास अंसारी की तलाश में लखनऊ पुलिस ने यूपी में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी करने के साथ ही पंजाब और राजस्थान में भी धरपकड़ की कोशिश की. विधायक/सांसद की स्पेशल कोर्ट ने 14 जुलाई को अब्बास अंसारी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था.

खैर मुक़दमा तो यूपी के जमनिया विधानसभा के सपा विधायक ओम प्रकाश सिंह पर भी है और अब आरोप भी तय हो गया.

जमानिया विधायक ओमप्रकाश सहित सात लोगों पर पांच वर्ष पूर्व के धारा 188 भादवि (आदेश की अवज्ञा) के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट /एमपी एमएलए शरद कुमार चौधरी की अदालत में बृहस्पतिवार को आरोप तय हुआ। वहीं विधायक ओम प्रकाश सिंह के विरुद्ध एक छेड़खानी के मामले में गवाह ने न्यायालय में गवाही दर्ज कराई। एक मामला पूर्व विधायक शादाब फातिमा के विरुद्ध भी था, लेकिन उच्च न्यायालय से स्थगन होने के कारण उसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही विधायक वीरेंद्र यादव के विरुद्ध भी एक मामला इसी न्यायालय में विचाराधीन था, जिसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्यायालय द्वारा तीनों विधायकों के मामलों में अगली तिथि एक सितंबर तय की है। पिछले दिनों गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी पर भी आरोप तय हुआ था.

राजनीति के रंग भी अजीब है. गाजीपुर में 7 विधायक हैं, 5 सपा के 2 सुभासपा के और एक सांसद हैं सपा और बसपा के गठबंधन से. पिछले दिनों गाजीपुर में बुलडोजर चला, कुर्की हुई, ईडी का छपा पड़ा और अब विधायक और सांसद पर आरोप भी तय हो रहे हैं. उधर सूबे में और केंद्र में भाजपा की सरकार और विपक्ष आरोप लगा रहा है की वो पेगसस से जासूसी करवा रहे हैं, और जाँच समिति ने कहा कि केंद्र सरकार सहयोग नहीं कर रही.

आप बस अपने नेता अच्छे कार्यों को देखिये और रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा की चिंता कीजिये. जय हिन्द

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