संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को Parliament (संसद) के दोनों सदनों में NEET (नीट) पेपर लीक, छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। लगातार शोर-शराबे और विरोध के कारण Lok Sabha (लोकसभा) और Rajya Sabha (राज्यसभा) की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष ने सरकार से इस पूरे मामले पर जवाब देने और चर्चा कराने की मांग दोहराई।
सत्र के दौरान विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई, NEET (नीट) पेपर लीक तथा अन्य संबंधित मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
राज्यसभा में चर्चा को लेकर टकराव:
Rajya Sabha (राज्यसभा) में विपक्ष के नेता Mallikarjun Kharge (मल्लिकार्जुन खड़गे) ने कहा कि विपक्ष NEET (नीट) पेपर लीक मामले पर चर्चा चाहता है, लेकिन यह चर्चा तभी संभव है जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan (धर्मेंद्र प्रधान) अपने पद से इस्तीफा दें। उन्होंने इस मुद्दे को छात्रों के भविष्य से जुड़ा बताते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
वहीं सरकार की ओर से इस मांग पर सहमति नहीं बनी, जिसके चलते सदन में हंगामे की स्थिति बनी रही।
सरकार ने चर्चा के लिए जताई तैयारी:
Lok Sabha (लोकसभा) में संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju (किरण रिजिजू) ने कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से लगातार NEET (नीट) पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा कराने की पेशकश कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी विषय पर नियमों के तहत चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चले और युवाओं से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा हो।
नियम 267 को लेकर भी उठा विवाद:
NEET (नीट) विवाद और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के मुद्दे पर विपक्ष ने Rajya Sabha (राज्यसभा) में नियम 267 के तहत चर्चा कराने की मांग की। हालांकि सभापति ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।
सभापति का कहना था कि प्रत्येक विषय पर नियम 267 लागू नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, इस मामले पर अल्पकालिक चर्चा जैसे अन्य संसदीय प्रावधानों के तहत भी चर्चा संभव है। दूसरी ओर, कांग्रेस का कहना है कि यह अत्यंत गंभीर विषय है, इसलिए सदन का अन्य कार्य रोककर पहले इसी मुद्दे पर चर्चा कराई जानी चाहिए।
राजनाथ सिंह ने जताई चिंता:
रक्षा मंत्री Rajnath Singh (राजनाथ सिंह) ने कहा कि Delhi (दिल्ली) में जारी विरोध-प्रदर्शन चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग छात्रों और युवाओं को अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए एक माध्यम बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों की हर चिंता को सुनना और उसका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि देश के जागरूक और विवेकशील युवा किसी भी भ्रामक प्रयास को समझते हैं और राष्ट्र निर्माण के मार्ग पर आगे बढ़ेंगे।
जेपी नड्डा ने विपक्ष पर साधा निशाना:
केंद्रीय मंत्री JP Nadda (जेपी नड्डा) ने Rajya Sabha (राज्यसभा) में कहा कि INDIA Alliance (इंडिया गठबंधन) का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद के भीतर लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन नहीं किया जा रहा है और संसदीय परंपराओं का उल्लंघन हो रहा है।
उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju (किरण रिजिजू) पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन सदन का संचालन बाधित किया जा रहा है।
हंगामे के चलते स्थगित हुई कार्यवाही:
विपक्ष और सरकार के बीच लगातार जारी गतिरोध के कारण दोनों सदनों में सामान्य कार्यवाही नहीं हो सकी। लगातार हंगामे के बीच Lok Sabha (लोकसभा) और Rajya Sabha (राज्यसभा) की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। अब सभी की नजरें अगले दिन होने वाली कार्यवाही पर टिकी हैं कि क्या इस मुद्दे पर चर्चा हो पाएगी या फिर गतिरोध जारी रहेगा।
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