आर्मी चीफ बोले- पाकिस्तान बॉर्डर पर 8 आतंकी कैंप एक्टिव, ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी…

आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी (Army Chief General Upendra Dwivedi) ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है और यह लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार के आतंकी या सैन्य दुस्साहस की स्थिति में भारतीय सेना पूरी तरह तैयार है और देश पूरी ताकत से जवाब देगा। उनका यह बयान मौजूदा सुरक्षा हालात और सीमाओं पर बनी संवेदनशील स्थिति के बीच बेहद अहम माना जा रहा है।

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि सीमा के पास अब भी कई आतंकी ढांचे सक्रिय हैं, जिन पर भारतीय सेना की कड़ी निगरानी बनी हुई है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि किसी भी तरह की हरकत की जाती है तो तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। सेना की तैयारियों और सतर्कता में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जा रही है।

सीमा पर सक्रिय आतंकी कैंप:
आर्मी चीफ के अनुसार इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) और नियंत्रण रेखा (LoC) के सामने कुल 8 आतंकी कैंप सक्रिय हैं। इन कैंपों में प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां चलने की जानकारी सामने आई है। सेना हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है और किसी भी चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ी जा रही। उन्होंने कहा कि एक भी गलती सामने आने पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।

तीनों सेनाओं का बेहतरीन तालमेल:
जनरल द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को थलसेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतरीन तालमेल का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस संयुक्त अभियान के दौरान रणनीतिक स्तर पर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की गई। ऑपरेशन के तहत 100 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की बात भी उन्होंने कही, जिसे अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

ड्रोन गतिविधियों पर सेना की नजर:
सीमा के पास हाल में देखे गए ड्रोन को लेकर पूछे गए सवाल पर आर्मी चीफ ने बताया कि ये बेहद छोटे ड्रोन थे, जो लाइट जलाकर उड़ते हैं। ये बहुत अधिक ऊंचाई पर नहीं उड़ते और बहुत कम समय के लिए दिखाई देते हैं। 10 जनवरी को लगभग 6 ड्रोन देखे गए थे, जबकि 11 और 12 जनवरी को 2 से 3 ड्रोन नजर आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये ड्रोन रक्षात्मक प्रकृति के थे और भारतीय सेना की सतर्कता को परखने की कोशिश कर रहे थे।

ऑपरेशन सिंदूर की रणनीतिक उपलब्धियां:
आर्मी चीफ ने बताया कि 7 मई को 22 मिनट की शुरुआती कार्रवाई और 10 मई तक 88 घंटे तक चले समन्वित अभियान ने रणनीतिक समीकरणों को बदल दिया। इस दौरान आतंकी ढांचों पर सटीक हमले किए गए और 9 में से 7 लक्ष्यों को पूरी तरह नष्ट किया गया। इससे पाकिस्तान की पुरानी परमाणु धमकी की रणनीति भी कमजोर पड़ी है।

आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई:
जनरल द्विवेदी ने कहा कि वर्ष 2025 में अब तक 31 आतंकवादियों को मार गिराया गया है, जिनमें अधिकांश पाकिस्तानी थे। इनमें पहलगाम हमले से जुड़े आतंकी भी शामिल थे, जिन्हें ऑपरेशन महादेव के तहत ढेर किया गया। यह आतंक के खिलाफ भारत की सख्त नीति को दर्शाता है।

जम्मू-कश्मीर में सकारात्मक बदलाव:
आर्मी चीफ ने जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में हो रहे सकारात्मक बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों में तेजी आई है और पर्यटन दोबारा लौट रहा है। अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण रही और वर्ष 2025 में 4 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जो पिछले पांच वर्षों के औसत से अधिक है। यह संकेत है कि क्षेत्र धीरे-धीरे आतंक से पर्यटन की ओर बढ़ रहा है।

1963 समझौते पर भारत का रुख:
आर्मी चीफ ने कहा कि भारत, पाकिस्तान और चीन के बीच हुए 1963 के समझौते को अवैध मानता है। इस समझौते के तहत पाकिस्तान ने शक्सगाम घाटी का क्षेत्र चीन को सौंप दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत वहां किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं करता। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को भी भारत दोनों देशों की अवैध कार्रवाई मानता है।

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