लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) परिसर में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने वोट चोरी के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। कैंपस में “वोट चोर गद्दी छोड़” जैसे नारे गूंज उठे। एनएसयूआई ने पहले वोट चोरी के खिलाफ एक सिग्नेचर कैम्पेन चलाया और उसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में विरोध मार्च निकाला। इस दौरान प्रशासन और छात्रों के बीच जमकर बहस देखने को मिली।
सिग्नेचर कैम्पेन के बाद विरोध मार्च:
एनएसयूआई (NSUI) सदस्यों ने कथित वोट चोरी के खिलाफ पहले सिग्नेचर कैम्पेन आयोजित किया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया। संगठन के सदस्यों का कहना था कि छात्र राजनीति में पारदर्शिता और निष्पक्षता आवश्यक है, लेकिन प्रशासन और कुछ संबंधित पक्षों द्वारा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है।
प्रशासन और एनएसयूआई में तीखी नोकझोंक:
जब एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में विरोध मार्च शुरू किया, तो प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। छात्रों का आरोप था कि प्रशासन लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार को दबाने का प्रयास कर रहा है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि संस्थान में अनुशासन बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है और बिना अनुमति के कोई प्रदर्शन नहीं किया जा सकता।
विरोध में छात्रों की बड़ी भागीदारी:
एनएसयूआई के इस विरोध में विश्वविद्यालय के अनेक छात्रों ने हिस्सा लिया। संगठन के पदाधिकारियों का कहना था कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष नहीं बन जाती।
असंतोष की गूंज कैंपस में तेज:
लखनऊ विश्वविद्यालय में हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद से कैंपस में छात्र राजनीति को लेकर बहस तेज हो गई है। एनएसयूआई ने प्रशासन पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं, जबकि प्रशासन ने छात्रों से शांतिपूर्ण संवाद की अपील की है।
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