उत्तर भारत के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में इन दिनों भीषण सर्दी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड (Uttarakhand), जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में तापमान लगातार गिरता जा रहा है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक ठंड का असर साफ दिखाई दे रहा है। नदी, नाले, झरने और झीलें जमने लगी हैं, जबकि मैदानी इलाकों में शीतलहर ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है।

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड:
उत्तराखंड (Uttarakhand) के कई ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान बेहद निचले स्तर पर पहुंच गया है। पिथौरागढ़ (Pithoragarh) जिले में स्थित आदि कैलाश (Adi Kailash) और रुद्रप्रयाग (Rudraprayag) जिले के केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) में शनिवार को तापमान माइनस 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस अत्यधिक ठंड के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और वातावरण पूरी तरह से बर्फीली स्थिति में बदल गया है। पिथौरागढ़, चमोली (Chamoli), उत्तरकाशी (Uttarkashi) और रुद्रप्रयाग जिलों में नदी, नाले और झरने पूरी तरह से जम चुके हैं। इन क्षेत्रों में सर्दी का यह प्रकोप मौसम की गंभीरता को दर्शाता है।

जम्मू-कश्मीर में रिकॉर्ड तोड़ ठंड:
जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में भी ठंड ने अपने तेवर दिखा दिए हैं। कश्मीर (Kashmir) के शोपियां (Shopian) जिले में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी श्रीनगर (Srinagar) में रात का तापमान माइनस 5.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे डल झील (Dal Lake) सहित कई अन्य झीलों में पानी जम गया है। पहलगाम (Pahalgam) में न्यूनतम तापमान माइनस 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि गुलमर्ग (Gulmarg) में रात के समय पारा माइनस 6.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इन आंकड़ों से साफ है कि कश्मीर घाटी में सर्दी अपने चरम पर है।
हिमाचल से सटे इलाकों में भी असर:
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) से सटे क्षेत्रों में भी ठंड का प्रभाव स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में गिरते तापमान का असर आसपास के क्षेत्रों पर भी पड़ा है। सर्द हवाओं और गिरते पारे ने इन इलाकों में सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है, जिससे ठंड का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
मैदानी राज्यों में शीतलहर का प्रकोप:
पर्वतीय राज्यों से सटे मैदानी इलाकों में भी शीतलहर का असर देखने को मिल रहा है। शनिवार को पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) के तीन शहरों में तापमान शून्य डिग्री के करीब पहुंच गया। पंजाब के होशियारपुर (Hoshiarpur) में न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस और अमृतसर (Amritsar) में 1.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हरियाणा के महेंद्रगढ़ (Mahendragarh) में 1.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। इन इलाकों में सुबह और रात के समय ठंड का असर अधिक देखा जा रहा है।
दिल्ली में मौसम का सबसे ठंडा दिन:
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में भी सर्दी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। शनिवार को यहां न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सर्दी के मौसम में अब तक का सबसे कम तापमान है। मौसम विभाग (Weather Department) के अनुसार, दिल्ली में आने वाले दो दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। रविवार और सोमवार को शीतलहर की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है, जिससे राजधानी में ठंड का असर और अधिक बढ़ सकता है।
मौसम की गंभीरता से बढ़ी चुनौतियां:
उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में जारी इस भीषण सर्दी ने लोगों की दैनिक गतिविधियों को प्रभावित किया है। पहाड़ी इलाकों में बर्फीली स्थिति और मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर ने ठंड की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। तापमान में लगातार गिरावट से मौसम की यह स्थिति आने वाले दिनों में भी चुनौतीपूर्ण बनी रह सकती है।
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