Ghazipur News: जेल गेट से शातिर अपराधी फरार…

गाजीपुर में पुलिस अभिरक्षा से एक शातिर अपराधी के फरार होने की घटना ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। यह मामला तब सामने आया जब मरदह थाना पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपी को न्यायालय में पेशी के बाद जिला कारागार ले जाया जा रहा था। जेल गेट जैसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र से आरोपी का भाग निकलना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। घटना के बाद से पुलिस महकमे में अफरा-तफरी का माहौल है और फरार आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है।

कैसे हुआ पुलिस अभिरक्षा से फरार:
प्राप्त जानकारी के अनुसार मरदह थाना (Mardah Police Station) और कासिमाबाद थाना (Kasimabad Police Station) की संयुक्त टीम ने लूट और चोरी के मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें बाबूलाल मौर्य निवासी बंका कासिमाबाद और पुनीत राय निवासी शेरपुर कला शामिल थे। दोनों आरोपियों को शनिवार की शाम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजने के आदेश हुए। पेशी के बाद पुलिस टीम दोनों को जिला कारागार (District Jail Ghazipur) में दाखिल कराने के लिए ले जा रही थी। जैसे ही पुलिस वाहन और सुरक्षा दल जेल के मुख्य द्वार के पास पहुंचे, उसी दौरान बाबूलाल मौर्य ने मौके का फायदा उठाया और पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया।

पुलिस को चकमा देकर भागा आरोपी:
बताया जा रहा है कि फरार आरोपी ने बेहद चालाकी से सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद खामियों का लाभ उठाया। पुलिसकर्मी जब तक स्थिति को समझ पाते, तब तक वह आंखों से ओझल हो चुका था। जेल गेट पर मौजूद सुरक्षाकर्मी और पुलिस स्टाफ के लिए यह घटना पूरी तरह अप्रत्याशित थी। हालांकि दूसरे आरोपी पुनीत राय को सुरक्षित रूप से जेल के भीतर दाखिल करा दिया गया। एक आरोपी के जेल पहुंचने और दूसरे के फरार होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।

पुलिस महकमे में मचा हड़कंप:
जैसे ही जेल गेट से अपराधी के फरार होने की सूचना फैली, पूरे पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। जेल परिसर और आसपास के इलाकों में तत्काल सतर्कता बढ़ा दी गई। घटना की पुष्टि कासिमाबाद के क्षेत्राधिकारी (CO Kasimabad) अनुभव राजर्षि ने की है। उन्होंने बताया कि आरोपी बाबूलाल मौर्य पहले से ही पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज शातिर अपराधी है और उसके खिलाफ लूट व चोरी के करीब सात आपराधिक मामले पंजीकृत हैं। ऐसे अपराधी का पुलिस अभिरक्षा से भाग निकलना कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

जिलेभर में सर्च ऑपरेशन तेज:
घटना के तुरंत बाद पुलिस अधीक्षक (Superintendent of Police Ghazipur) के निर्देश पर जिलेभर में नाकेबंदी कर दी गई। प्रमुख चौराहों, सीमावर्ती क्षेत्रों और संभावित रास्तों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश में तकनीकी संसाधनों और स्थानीय मुखबिरों की मदद भी ली जा रही है।

लापरवाही पर कार्रवाई की संभावना:
इस पूरे घटनाक्रम के बाद मरदह थाना पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जेल गेट जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा में चूक को गंभीर माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार आरोपी के फरार होने में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच की संभावना जताई जा रही है। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है। पुलिस प्रशासन का दावा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल:
यह घटना न केवल पुलिस अभिरक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि जेल प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय की कमी को भी उजागर करती है। आम नागरिकों के बीच भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि यदि जेल गेट से अपराधी फरार हो सकता है तो कानून व्यवस्था कितनी मजबूत है। फिलहाल पुलिस का पूरा फोकस फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी पर है, ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके और जनता का भरोसा कायम रह सके।

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