गाजीपुर | सरकारें जनहित में कई योजनायें लेकर आती हैं. गाँव गाँव का विकास हो, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हो इसके लिए कई सरकारी योजनायें हैं. उसी तरह गाँव में नाली, सड़क, हैंडपंप और शौचालय के लिए भी सरकारी धन दिया जाता है. सरकार जनहित के लिए योजनायें बनाती हैं लेकिन निचे बैठे कुछ जनप्रतिनिधि देश के सम्मान, संस्कृति और इमानदारी पर धब्बा लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ते. सरकार की आँखों में धुल झोंकर अवैध तरीके से सरकारी धन को भजा लेते हैं.
अब इस घटना ने भ्रष्टाचार की नयी इबारत लिख दी. आरोप गंभीर हैं और आरोपों की गवाही भी है. ये घटना उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर के मुहम्दाबाद तहसील के थाना नोनहरा के रसूलपुर गाँव की है. गाँव के निवासी गोपाल उपाध्याय का आरोप है कि उन्होंने अपने निजी जमीन पर, निजी पैसे से आरसीसी रोड का निर्माण करवाया है. तो वहीँ ग्राम प्रधान ओमकार कुशवाहा ने सिर्फ नाली का निर्माण करवाया लेकिन ग्राम प्रधान ने उनके द्वारा बनवाए गये आरसीसी रोड को भी दिखाकर सरकारी धनराशी का भुगतान करा लिया.
जी हाँ ये घटना आपका माथा घुमा देगी. पैसा आपका, जमीन आपकी और उसपर भी खेला हो गया. ग्राम प्रधान पर लगे इस गंभीर आरोप ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या भुगतान से पहले सड़क की जाँच हुई? अगर हुई तो कैसे हुई? कैसे किसी के निजी पैसों से बने कार्य पर ग्राम प्रधान द्वारा सरकारी धन को उतारा गया?
आरोप है कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते ग्राम प्रधान ने न केवल ग्रामीणों के विश्वास के साथ धोखा किया है बल्कि सरकार की आंख में धुल झोंका है.
अब गोपाल उपाध्याय ने गाजीपुर जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है. उन्होंने इस पत्र जिलाधिकारी को पूरी घटना से अवगत कराया है साथ ही मामले की जाँच करवाकर क़ानूनी कार्यवाही करने की प्रार्थना भी की है. गोपाल उपाध्याय के साथ गाँव के खुर्शीद, समीम, सत्यनारायण, खालिद अंसारी, मुसतकिम और मंगला राम ने भी शपथ पत्र देकर इस मामले में आपनी गवाही दी है.

अब ग्रामीणों को न्याय का इंतज़ार है, वो चाहते हैं की सरकार ऐसा नजीर पेश करे कि फिर कभी कोई इस तरह से भ्रष्टाचार न कर पाए.