निषाद-पार्टी के 4 विधायकों ने BJP नेताओं की तस्वीरें लगाईं:मंत्री संजय निषाद नाराज; बोले- दल का झंडा लगाने में शर्म, टिकट पर सोचेंगे

निषाद पार्टी के चार विधायकों के सोशल मीडिया खातों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं, जबकि इन खातों पर निषाद पार्टी का नाम और झंडा नजर नहीं आ रहा है। इसको लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के कुछ विधायकों को अपना झंडा-बैनर लगाने में शर्म आती है और वे पार्टी की बैठकों में भी शामिल नहीं होते। ऐसे नेताओं को दोबारा टिकट देने से पहले विचार करना पड़ेगा।

जिन विधायकों को लेकर संजय निषाद ने यह नाराजगी जाहिर की है, उनमें संत कबीर नगर की मेंहदावल सीट से विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी, महराजगंज की नौतनवा सीट से ऋषि त्रिपाठी, कुशीनगर की खड्डा सीट से विवेकानंद पांडेय और जौनपुर की शाहगंज सीट से रमेश सिंह शामिल हैं।

भाजपा गठबंधन में निषाद पार्टी को मिली थीं 16 सीटें:

वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में निषाद पार्टी भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव मैदान में उतरी थी। गठबंधन के तहत निषाद पार्टी को 16 सीटें मिली थीं। इनमें से 10 सीटों पर निषाद पार्टी के चुनाव चिह्न भोजन की थाली के साथ प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। इनमें से छह सीटों पर पार्टी को जीत मिली थी।

इन्हीं में मझवां विधानसभा सीट से निषाद पार्टी के विधायक रहे डॉ. विनोद कुमार बिंद भी शामिल थे। उन्होंने वर्ष 2024 में भदोही लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद निषाद पार्टी के विधायकों की संख्या पांच रह गई।

गठबंधन के तहत निषाद पार्टी के छह अन्य प्रत्याशियों ने भारतीय जनता पार्टी के चुनाव चिह्न कमल पर चुनाव लड़ा था। इनमें से पांच प्रत्याशियों को जीत मिली थी। इन्हीं में से चार विधायकों का झुकाव भारतीय जनता पार्टी की ओर अधिक दिखाई देने की बात सामने आई है।

अनिल त्रिपाठी के सोशल मीडिया पर नहीं दिखा पार्टी का नाम:

संत कबीर नगर की मेंहदावल सीट से विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी पहले भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता रह चुके हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले वह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि गठबंधन में मेंहदावल सीट निषाद पार्टी के खाते में चली गई। इसके बाद उन्होंने निषाद पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

विधायक के तौर पर उनका साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है और अब करीब छह महीने का समय बाकी है। दी गई जानकारी के अनुसार, अनिल त्रिपाठी के फेसबुक पेज के परिचय में निषाद पार्टी का उल्लेख नहीं है। हालांकि उनके फेसबुक पेज के कवर पर विधानसभा भवन के सामने बैठे सभी विधायकों की तस्वीर लगी हुई है।

अनिल त्रिपाठी बोले- दोनों दलों के कार्यक्रमों में जाता हूं:

अनिल त्रिपाठी ने कहा कि निषाद पार्टी और भाजपा गठबंधन के साथी हैं। उनका कहना है कि उनकी गाड़ी पर दोनों दलों के झंडे लगे हैं और वह निषाद पार्टी तथा भाजपा, दोनों के कार्यक्रमों और बैठकों में शामिल होते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद के हर कार्यक्रम में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है। अनिल त्रिपाठी के मुताबिक, वह तीन साल तक निषाद पार्टी के विधानमंडल दल के नेता भी रह चुके हैं और यह डॉ. संजय निषाद के विश्वास का परिणाम था।

ऋषि त्रिपाठी का भाजपा संगठन से रहा जुड़ाव:

महराजगंज की नौतनवा सीट से विधायक ऋषि त्रिपाठी भी वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा संगठन में सक्रिय थे। वह जिले में महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। गठबंधन में नौतनवा सीट निषाद पार्टी के खाते में चली गई थी। इसके बाद ऋषि त्रिपाठी को निषाद पार्टी में शामिल होकर चुनाव लड़ना पड़ा।

उनकी फेसबुक प्रोफाइल के कवर पर गृहमंत्री अमित शाह के साथ ली गई तस्वीर लगी है। उनकी गाड़ी पर भी अक्सर भाजपा का झंडा दिखाई देता है। इसके अलावा वह भाजपा की बैठकों में भी नजर आते रहे हैं। बूथ अभियान के दौरान जब विधायकों को जिम्मेदारी दी गई, तब ऋषि त्रिपाठी ने भी इसमें सक्रिय भूमिका निभाई।

‘तकनीकी रूप से निषाद पार्टी का विधायक’:

ऋषि त्रिपाठी का कहना है कि वह तकनीकी रूप से निषाद पार्टी के विधायक हैं और इससे पहले भाजपा संगठन में महामंत्री रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि अमित शाह देश के गृहमंत्री हैं और भाजपा तथा निषाद पार्टी सहयोगी दल हैं।

उन्होंने बताया कि निषाद पार्टी के कार्यकर्ता आरक्षण के मुद्दे को लेकर उनसे मिलने आए थे। उनका कहना है कि भाजपा-निषाद पार्टी की ओर से जब भी किसी बैठक या कार्यक्रम की सूचना मिलती है, वह उसमें जरूर शामिल होते हैं।

विवेकानंद पांडेय के सोशल मीडिया पर मोदी-योगी की तस्वीरें:

कुशीनगर की खड्डा सीट से विधायक विवेकानंद पांडेय का संबंध भी भाजपा संगठन से रहा है। उनके फेसबुक पेज के कवर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ली गई उनकी तस्वीर लगी है। वहीं प्रोफाइल तस्वीर में वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विवेकानंद पांडेय की गाड़ी पर भाजपा और निषाद पार्टी, दोनों के झंडे लगे हैं। इससे उनके सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली तस्वीरों और उनके वाहन पर मौजूद दोनों दलों के झंडों की स्थिति अलग नजर आती है।

संजय निषाद की नाराजगी से टिकट पर सवाल:

निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने पार्टी के कुछ विधायकों के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि जो नेता पार्टी का झंडा-बैनर लगाने से बचते हैं और पार्टी की बैठकों में शामिल नहीं होते, उन्हें दोबारा टिकट देने से पहले विचार करना पड़ेगा।

वहीं संबंधित विधायकों की ओर से गठबंधन के दोनों दलों के कार्यक्रमों में भाग लेने और अपनी राजनीतिक भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण दिया गया है। ऐसे में आने वाले समय में निषाद पार्टी और उसके विधायकों के बीच यह मुद्दा राजनीतिक रूप से चर्चा में बना रह सकता है।

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