रिपोर्टर: राहुल पटेल
गाजीपुर जनपद के Mohammadabad (मोहम्मदाबाद) कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत Gauspur (गौसपुर) गांव के पास स्थित नए पेट्रोल पंप के सामने NH-31 (एनएच-31) पर बना सड़क किनारे का डिवाइडर इन दिनों गंभीर खतरे का कारण बनता जा रहा है। ठंड के मौसम में पड़ने वाले घने कोहरे और शीतलहर के चलते यह डिवाइडर वाहन चालकों को स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता, जिससे किसी भी समय बड़ा सड़क हादसा होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
रोजाना इस मार्ग से बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। सुबह और रात के समय कोहरा अधिक होने पर दृश्यता बेहद कम हो जाती है। ऐसे में अचानक सामने आ जाने वाला यह डिवाइडर चालकों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो कोई गंभीर दुर्घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
बिना संकेत के बना डिवाइडर:
स्थानीय नागरिकों और राहगीरों के अनुसार पेट्रोल पंप के सामने बनाया गया यह डिवाइडर बिना किसी रेडियम शीट, रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत के है। न तो इस पर कोई चमकदार पट्टी लगाई गई है और न ही दूर से सचेत करने वाला कोई बोर्ड मौजूद है। खासकर रात के समय और घने कोहरे में यह डिवाइडर पूरी तरह अदृश्य हो जाता है, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के टकराने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
लोगों का कहना है कि हाईवे जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह का डिवाइडर सुरक्षा मानकों के विपरीत है। वाहन चालक जब पेट्रोल पंप की ओर मुड़ते हैं या सामने से आ रहे वाहनों से बचने का प्रयास करते हैं, तब यह डिवाइडर अचानक सामने आ जाता है और संतुलन बिगड़ने की आशंका रहती है।
स्थानीय लोगों में बढ़ती चिंता:
गौसपुर और आसपास के गांवों के लोगों में इस स्थिति को लेकर लगातार चिंता बढ़ रही है। उनका कहना है कि रोजाना कोई न कोई वाहन चालक यहां अचानक ब्रेक लगाने या दिशा बदलने को मजबूर होता है। कई बार मामूली टक्कर या वाहन फिसलने जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, हालांकि अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है। लोग मानते हैं कि यह केवल संयोग है, लेकिन खतरा लगातार बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों का यह भी कहना है कि पेट्रोल पंप के सामने होने के कारण यहां वाहनों की आवाजाही और अधिक रहती है। ऐसे में सुरक्षा उपायों की अनदेखी गंभीर परिणाम दे सकती है।
सुरक्षा उपायों की मांग:
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने मांग की है कि इस डिवाइडर को या तो हटाया जाए या फिर तत्काल आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं। लोगों का कहना है कि डिवाइडर पर रेडियम स्ट्रिप, कैट आई रिफ्लेक्टर और स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि दूर से ही वाहन चालकों को इसकी जानकारी मिल सके। इससे विशेषकर रात और कोहरे के समय दुर्घटनाओं से बचाव संभव हो सकेगा।
लोगों ने यह भी सुझाव दिया है कि हाईवे पर बने ऐसे सभी डिवाइडरों और अवरोधों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो:
इस खतरनाक स्थिति को लेकर बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि घने कोहरे के दौरान डिवाइडर बिल्कुल नजर नहीं आता और वाहन बेहद नजदीक पहुंचने पर ही दिखाई देता है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ गई हैं। कई लोगों ने इस मुद्दे पर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील:
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, NH Authority (एनएच प्राधिकरण) और Police Department (पुलिस विभाग) से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि सुरक्षा उपाय सुनिश्चित कर इस संभावित खतरे को जल्द से जल्द दूर किया जाए।
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