रिपोर्टर: हसीन अंसारी
शाह फैज पब्लिक स्कूल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती एवं बसंत पंचमी का आयोजन उत्साह और अनुशासन के वातावरण में किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय मूल्यों, प्रेरणादायी व्यक्तित्व और भारतीय संस्कृति से जोड़ना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि से:
कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अदहमी और निदेशिका डॉ मीना अदहमी ने संयुक्त रूप से माल्यार्पण किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को नेताजी के जीवन, उनके संघर्ष और देश के प्रति समर्पण की भावना से परिचित कराया गया। पूरा वातावरण देशभक्ति और संस्कारों से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
नेताजी के आदर्शों पर चलने का संकल्प:
डॉ नदीम अदहमी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नेताजी का जीवन साहस, आत्मबल और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को नेताजी द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने, अनुशासन का पालन करने और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं बल्कि चरित्र निर्माण भी है।
बसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश:
डॉ मीना अदहमी ने अपने संबोधन में नेताजी के योगदान के साथ-साथ बसंत पंचमी के सांस्कृतिक और शैक्षणिक महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि बसंत पंचमी विद्या, सृजन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक पर्व है। इस दिन का संदेश है कि विद्यार्थी ज्ञान, कला और संस्कारों को अपने जीवन में आत्मसात करें। उनके वक्तव्य को छात्रों ने ध्यानपूर्वक सुना।
सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता:
विद्यालय के प्रधानाचार्य इकरामुल हक ने छात्रों को संबोधित करते हुए सड़क सुरक्षा नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व को समझने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प दिलाया। उनका कहना था कि जागरूकता ही दुर्घटनाओं को कम करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
छात्रों ने रखे अपने विचार:
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के कार्यों और बसंत पंचमी के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ मंच से अपने विचार साझा किए, जिससे उनकी अभिव्यक्ति क्षमता और विषय की समझ स्पष्ट रूप से दिखाई दी। छात्रों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
शैक्षणिक और सांस्कृतिक समन्वय:
पूरे आयोजन में शिक्षा और संस्कृति का सुंदर समन्वय देखने को मिला। विद्यालय प्रबंधन का प्रयास रहा कि विद्यार्थियों को राष्ट्रीय पर्वों और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से नैतिक मूल्यों से जोड़ा जाए। इस तरह के कार्यक्रम छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक माने जाते हैं।
विद्यालय परिवार की सहभागिता:
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अदहमी, निदेशिका डॉ मीना अदहमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। सभी की सहभागिता से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और विद्यालय परिसर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
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