600 के करीब मौतें, 2500 लापता, 320 भारतीयों की भी खबर नहीं… नेपाल में बाढ़ की तबाही के बीच फिर मंडराया सैलाब का खतरा

नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-चीन सीमा के पास भूस्खलन के कारण दो नई झीलें बन गई हैं। इनमें से एक झील से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है, जबकि दूसरी झील का आकार लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आसपास के क्षेत्रों में दोबारा बाढ़ या भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

इसी क्षेत्र में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। तेज बहाव के साथ कीचड़, रेत, बजरी और बड़ी-बड़ी चट्टानें नीचे की ओर पहुंचीं, जिससे प्रभावित इलाकों में स्थिति गंभीर हो गई थी। अब नई झीलों के बनने के बाद एक बार फिर खतरे की आशंका बनी हुई है।

भूस्खलन से बनीं दो नई झीलें:

नेपाल-चीन सीमा के पास भूस्खलन के बाद दो नई झीलों के बनने की जानकारी सामने आई है। इनमें से एक झील से लगातार पानी रिस रहा है। दूसरी झील का आकार बढ़ता जा रहा है। झीलों में पानी की स्थिति में हो रहे बदलाव के कारण आसपास के इलाकों पर खतरा बना हुआ है।

पानी का रिसाव और दूसरी झील के आकार में बढ़ोतरी चिंता का कारण बनी हुई है। इससे प्रभावित क्षेत्र में दोबारा बाढ़ आने या भूस्खलन होने की आशंका बनी हुई है। बुधवार की आपदा के बाद क्षेत्र पहले ही भारी नुकसान झेल चुका है।

अचानक आई बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही:

बुधवार को इसी इलाके में अचानक बाढ़ आ गई थी। बाढ़ का पानी बेहद तेज बहाव के साथ नीचे के क्षेत्रों की ओर बढ़ा। इस दौरान पानी अपने साथ भारी मात्रा में कीचड़, रेत और बजरी लेकर आया।

तेज बहाव में बड़ी चट्टानें भी नीचे के इलाकों तक पहुंचीं। अचानक आई इस बाढ़ और भूस्खलन के कारण क्षेत्र में भारी तबाही हुई। अब दो नई झीलों के बनने के बाद प्रभावित इलाकों में खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

633 लोगों की मौत, ढाई हजार लापता:

नेपाल और तिब्बत में इस आपदा से अब तक 633 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, करीब 2,500 लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई है। लापता लोगों में 320 भारतीय भी शामिल बताए गए हैं।

आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने से स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रभावित क्षेत्र में नई झीलों के बनने के कारण अब आगे की स्थिति को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

तिब्बत में करीब 400 भारतीय फंसे:

आपदा के बीच करीब 400 भारतीयों के अभी भी तिब्बत में फंसे होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा 320 भारतीयों के लापता होने की बात कही गई है। इस तरह आपदा का असर भारतीय नागरिकों पर भी पड़ा है।

नेपाल और तिब्बत में बाढ़ तथा भूस्खलन से बड़े पैमाने पर जनहानि हुई है। बुधवार की घटना के बाद अब भूस्खलन से बनी दोनों झीलों पर स्थिति और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है।

दोबारा बाढ़ और भूस्खलन का खतरा:

नई बनी झीलों में से एक से पानी का लगातार रिसाव हो रहा है, जबकि दूसरी का आकार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में आसपास के क्षेत्रों में दोबारा बाढ़ या भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

बुधवार की भीषण आपदा के बाद सामने आई यह स्थिति बताती है कि प्रभावित क्षेत्र में खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। एक ओर बड़ी संख्या में लोगों की मौत और लापता होने की जानकारी सामने आई है, वहीं दूसरी ओर करीब 400 भारतीयों के तिब्बत में फंसे होने की बात कही गई है।

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