विश्वविद्यालय न होने का जुर्माना 500 प्रति छात्र ?

इस खबर में हिंसा नहीं है, इस खबर में नफ़रत नहीं है, ये खबर शिक्षा के विस्तार को लेकर है, ये खबर सत्ता के अहंकार को लेकर नहीं है.

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उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर में 300 से ज्यादा कॉलेज हैं और ये जौनपुर स्थित पूर्वांचल यूनिवर्सिटी से अटैच हैं, गाजीपुर से जौनपुर की दुरी करीब 100 किलोमीटर है. पड़ोसी जनपद जैसे आजमगढ़, बलिया इत्यादि इनके पास कॉलेज की संख्या कम है लेकिन यूनिवर्सिटी उसी जनपद में है.

गाजीपुर में यूनिवर्सिटी की मांग विधायक शोएब उर्फ़ मन्नू अंसारी और डॉ वीरेंदर यादव ने विधानसभा में उठाया था, इसके पहले पूर्व राज्य सहकारिता मंत्री डॉ संगीता बलवंत ने भी गाजीपुर में विश्विद्यालय की मांग को उठाया था. लेकिन इस बारे शायद सरकार ने अब तक सोचा नहीं. अब विश्वविद्यालय न होने का असर छात्रों पर इस कदर पद रहा है कि मनमाने निर्णय और मनमाने जुर्माना का सामना छात्र कर रहे हैं.

बताया जा रहा है कि बी०ए०, बी०एस०सी०, बी०काम०, की प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा अभी हाल ही में सम्पन्न हुई है और द्वितीय सेमेस्टर का पठन -पाठन कि प्रक्रिया भी अभी शुरू भी नहीं हुई है और विश्वविद्यालय द्वारा दिनांक-18-05-2022 से 03-07-2022 तक ग्रीष्मावाकाश कर दिया गया. अब जाहिर सी बात है ग्रीष्मावाकाश के बाद दुसरे सेमेस्टर का पठन पाठन का कार्य शुरू होगा. लेकिन यहाँ तो विश्वविद्यालय द्वारा द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा फार्म भरने की तिथियाँ घोषित कर दी गईं.

प्रथम सेमेस्टर का रिजल्ट आया नहीं, पठन पाठन का कार्य शुरू हुआ नहीं और दुसरे सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भरने की तारीखों का एलान हो गया. खैर 18 मई को ग्रीष्मावाकाश शुरू हुआ और ठीक एक दिन पहले यानि 17 मई 2022 से परीक्षा फॉर्म भरने का एलान हो गया और अंतिम तिथि दी गई 02 जून 2022. इसका मतलब ये स्पष्ट है कि विश्वविद्यालय की मंशा ग्रीष्मावाकाश में परीक्षा फॉर्म भरवाने की थी. अब भला छात्र परीक्षा फॉर्म भरे कैसे? अभी तो उन्होंने प्रथम सेमस्टर की परीक्षा दिया और तुरंत ही दुसरे सेमेस्टर का परीक्षा फॉर्म. खैर ग्रीष्मावाकाश की वजह से आधे से ज्यादा छात्र परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह गये.

अब विश्वविद्यालय ने परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि को बढ़ा दिया यानि तारीख हो गई 05जून से 08 जून तक. लेकिन अब भैया जैसा विश्वविद्यालय का निर्णय और उससे भी बेहतर वहां की वेबसाइट. जी हाँ वेबसाइट पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण देर से लिंक अपलोड होने से छात्र तय समय में परीक्षा फार्म भरने से वंचित रह गए. फिर क्या था, वेबसाइट पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण देर से लिंक अपलोड होने से छात्र तय समय में परीक्षा फार्म भरने से वंचित रह गए, फिर क्या था पुन: तिथि बढाई गई यानि 26जून से 28 जून तक और इसके साथ ही अतिरिक्त शुल्क 500 लिए जाने का प्रावधान भी कर दिया गया.

अब क्या था छात्रों ने सवाल खड़े कर दिए. छात्रों का कहना है कि अभी प्रथम सेमेस्टर परीक्षा का परिणाम वर्तमान समय तक नहीं आया है और ना ही नियमित कक्षाएं द्वितीय सेमेस्टर कि प्रारंभ हुई है और उसके बाद भी कम समय के लिए अवधि रखी गई और इसके साथ ही जो तिथि बढाई गई उसके लिए अतिरिक्त शुल्क लिए जाने का प्रावधान रखा गया यदि ध्यान से अवलोकन किया जाए तो इसमें स्पष्ट है कि छात्रों के साथ अन्याय है उन्हें उचित समय या अवसर नहीं दिया गया कि वो परीक्षा फार्म भर सके और ना ही अभी तक उनका परिणाम घोषित किया गया है तथा इस समस्त प्रक्रियाओं को देखते हुए जो अतिरिक्त शुल्क छात्रों के साथ लिया जा रहा है वो कही से न्याय संगत व उचित नहीं है।

सवाल ये है कि विश्वविद्यालय द्वारा लिया गया निर्णय कितना उचित है. विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणाम को लेकर पहले भी विवाद हो चूका है और अब इस तरह के निर्णय से छात्रों में रोष है. आखिर विश्वविद्यालय ऐसी गलतियाँ क्यों करता है या ऐसे अटपटे निर्णय क्यों लेता है. क्या पूर्वांचल विश्वविद्यालय के ऊपर ज्यादा भार है, भार हो भी क्यों अकेले गाजीपुर में 300 से ज्यादा कॉलेज हैं, यदि गाजीपुर विश्वविद्यालय होता तो परीक्षा परिणाम, परीक्षा फॉर्म आदि समस्याओं का समाधान आसानी हो जाता. आज किसी भी समस्या के लिए छात्रों को 100 किलोमीटर दूर जौनपुर जाना पड़ता है और वहां भी यदि समय पर कार्य नहीं हुआ तो न जाने कितनी बार जाना पड़े.

सवाल ये है छात्र अपने पढाई पर ध्यान दे या ऐसी समस्याओं को लेकर अपना समय बर्बाद करे. अब छात्रों ने राज्यपाल के नाम संबोधित पत्र भेजा है, पत्र में सभी छात्रों ने कुलाधिपति/महामहिम राज्यपाल से निवेदन किया है कि छात्रों के साथ न्याय करते हुए जौनपुर विश्वविद्यालय द्वारा अतिरिक्त परीक्षा शुल्क लिए जाने के प्रावधान को निरस्त करने तथा छात्रों के शुल्क को वापस कराने का जौनपुर विश्वविद्यालय को निर्देश दे, ताकि छात्रों के साथ न्याय हो सकें। न्याय न मिलने पर छात्र भविष्य में अपने मांग को लेकर धरना प्रदर्शन को बाध्य होंगे।

इसके साथ ही छात्रों ने इसकी प्रतिलिपि संबंधित शासन व विश्वविद्यालय को डाक के माध्यम से भी भेजा है। इस मौके पर शुभम बिन्द, शैलेश यादव, पवन राय,अम्बुज यादव,अनुज यादव, सुमित तिवारी, अश्वनी राय,अभिनव कुमार इत्यादि छात्र मौजूद थे।

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