शरद पवार का बड़ा खुलासा…अजित पवार चाहते थे NCP के दोनों गुटों का विलय, इस दिन होने वाला था बड़ा ऐलान

महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में एनसीपी (NCP) के दोनों गुटों के विलय की चर्चा तेज हो गई है। शरद पवार (Sharad Pawar) ने शनिवार को कहा कि यह विलय अजित पवार (Ajit Pawar) की भी इच्छा थी और इसे पूरा होना चाहिए। उन्होंने बताया कि अजित, शशिकांत शिंदे (Shashikant Shinde) और जयंत पाटिल (Jayant Patil) ने विलय की बातचीत शुरू की थी। दुर्भाग्य से 12 फरवरी को विलय के ऐलान से पहले अजित का प्लेन क्रैश में निधन हो गया।

शरद पवार की बारामती बैठक:
शरद पवार के बारामती (Baramati) निवास पर शनिवार सुबह पवार परिवार की बैठक हुई। इसमें सुप्रिया सुले (Supriya Sule), रोहित पवार (Rohit Pawar), युगेन्द्र पवार (Yugendra Pawar) और शरद पवार शामिल हुए। शरद गुट के कई नेता भी बैठक में मौजूद रहे। शरद ने स्पष्ट किया कि परिवार में कोई समस्या नहीं है और राजनीतिक चर्चाएं मुंबई (Mumbai) में चल रही हैं।

शरद पवार की तीन बड़ी बातें:

  1. डिप्टी सीएम पद के लिए सुनेत्रा पवार (Sunetra Pawar) का नाम सामने आने पर शरद ने कहा कि पार्टी ने फैसला लिया होगा।
  2. अजित पवार को काबिल और समर्पित नेता बताया जिन्होंने जनता के लिए लगातार काम किया।
  3. परिवार में कोई अंतर या मतभेद नहीं है और परिवार हमेशा एकजुट रहता है।

एनसीपी विलय को लेकर प्रमुख दावे:

  • अजित के करीबी किरण गुजर (Kiran Gujar) ने PTI को बताया कि अजित दोनों गुटों को मिलाने के लिए पूरी तरह उत्साहित थे। उन्होंने विलय की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली थी।
  • सीनियर नेता जयंत पाटिल ने कहा कि अजित और शरद पवार के बीच कई बैठकें हुईं और विलय को लेकर अजित सकारात्मक थे। जिला परिषद चुनाव के बाद अंतिम निर्णय लिया जाना था।
  • शरद गुट के नेता एकनाथ खड़से (Eknath Khadse) ने ANI को बताया कि विलय तय हो चुका था और दोनों गुट जल्द एकसाथ आएंगे।

विलय से क्या बदलाव होंगे:
सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों की बातचीत एडवांस स्टेज पर थी। स्थानीय निकाय और जिला परिषद चुनावों के बाद विलय की घोषणा की योजना थी। विलय से राज्य सरकार और पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण बदलाव होंगे। पश्चिमी महाराष्ट्र (Western Maharashtra) के शुगर बाउल में भाजपा (BJP) की पकड़ को संतुलित करने की रणनीति भी शामिल है। विलय के बाद एनसीपी के पास 9 लोकसभा सांसद और 51 विधायक होंगे, जिससे महायुति गठबंधन और विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) में संतुलन बदल सकता है।

अजित पवार की अनुपस्थिति में बजट:
अजित पवार के निधन के बाद वित्त विभाग फिलहाल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के पास रहेगा। मार्च में CM फडणवीस ही राज्य का बजट पेश करेंगे। जुलाई 2023 में अजित पवार महायुति सरकार में शामिल हुए थे और तब वित्त मंत्रालय उन्हें सौंपा गया था। फडणवीस के पहले कार्यकाल (2014-2019) में वित्त मंत्रालय सुधीर मुनगंटीवार (Sudhir Mungantiwar) के पास था, लेकिन अब उनका मंत्री बनने की संभावना बेहद कम है।

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म खेलो इंडिया नॉर्थ जोन किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप में शाह फैज पब्लिक स्कूल गाज़ीपुर की दो बेटियों ने पंचम लहरायाया अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com


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