अब मुख्तार अंसारी की विवादित जमीन पर लखनऊ हाइकोर्ट में ये क्या हुआ?

मऊ से कई बार के विधायक रह चुके मुख्तार अंसारी की मृत्यु हो चुकी है लेकिन कई विवाद ऐसे हैं जिसकी वजह से आज भी कागजों पर उनका नाम जिंदा है।  मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे और वर्तमान में मऊ के विधायक अब्बास अंसारी फिलहाल जेल में हैं लेकिन लखनऊ के हाईकोर्ट में उन्होंने एक ऐसी याचिका डाली है जिससे एक बार फिर मुख्तार अंसारी की चर्चा होने लगी है।

बीते दिनों मुख्तार अंसारी का नाम एक बार फिर चर्चा में आया जब अंगद राय नाम के व्यक्ति की जमीन की कुर्की हुई। अंगद राय को मुख्तार अंसारी का शूटर बताया जा रहा है और खबर आई कि पुलिस ने मुख्तार अंसारी के शूटर अंगद राय की 1.55 करोड़ की बेनामी संपत्ति कुर्क कर लिया। ये सम्पत्तियां अंगद राय की बहन नीलम राय के नाम पर थी। पुलिस ने जनपद गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के जफरपुरा इलाके में कुर्की की कार्यवाही की है।अंगद राय के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट 14 (1) के तहत पुलिस ने कुर्की की कार्यवाही की है।जफरपुरा के वार्ड नम्बर 3 और 5 में स्थित अंगद की बहन नीलम की सम्पत्तियां पुलिस ने कुर्क कर ली।जिनकी कीमत 1.55 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

इधर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में लखनऊ के जियामऊ में मुख्तार अंसारी की विवादित जमीन को लेकर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने एलडीए को मामले में हस्तक्षेपकर्ता के रूप में अपना पक्ष रखने की अनुमति दी है।

मामला जियामऊ स्थित गाटा संख्या 93 की जमीन से जुड़ा है, जिसे एसडीएम सदर ने निष्क्रांत संपत्ति घोषित कर दिया था। इस आदेश को अब्बास अंसारी, आसमा हुसैन, फराज हुसैन और नदीम उर रहमान ने अलग-अलग याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी है।

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एलडीए ने न्यायालय में दलील दी कि विवादित संपत्ति पर पहले से मौजूद निर्माण को ध्वस्त किया जा चुका है और नया निर्माण भी एलडीए द्वारा कराया गया है। इसके बावजूद उन्हें मामले में पक्षकार नहीं बनाया गया। न्यायालय ने यह भी ध्यान में रखा कि सुप्रीम कोर्ट ने 9 जनवरी को इस स्थल पर निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि वर्तमान याचिकाएं केवल एसडीएम के निष्क्रांत संपत्ति घोषित करने के आदेश के खिलाफ हैं। याचिकाकर्ताओं ने न तो एलडीए द्वारा कराए गए नए निर्माण को चुनौती दी है और न ही ध्वस्तीकरण के आदेश को। अतः न्यायालय केवल एसडीएम के आदेश पर ही सुनवाई करेगा। मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को निर्धारित की गई है।

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