गाजीपुर: आसमान में बादल, खेतों में प्यास: बारिश की बेरुखी ने धान रोपाई पर लगाया ब्रेक, ट्यूबवेल के सहारे जूझ रहे किसान
मोहम्मदाबाद क्षेत्र में खरीफ सीजन के सबसे महत्वपूर्ण समय पर बारिश नहीं होने से किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। धान की रोपाई का समय तेजी से बीत रहा है, लेकिन पर्याप्त वर्षा के अभाव में खेतों की नमी खत्म होने लगी है। आसमान में प्रतिदिन बादल तो दिखाई दे रहे हैं, लेकिन बिना बरसे लौट जाने से किसानों की उम्मीदें भी लगातार टूट रही हैं। इसका असर Mohammadabad (मोहम्मदाबाद) क्षेत्र के Hata (हाटा), Salempur (सलेमपुर), Balapur (बालापुर), Barejpur (बरेजपुर), Tandwa (टंडवा), Mirganj (मीरगंज), Ichauli (इचौली) और Bareji (बरेजी) सहित आसपास के गांवों में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है।

**ट्यूबवेल के सहारे पूरी हो रही सिंचाई:
क्षेत्र के कई किसानों ने समय रहते धान की नर्सरी तैयार कर ली थी, लेकिन अब रोपाई पूरी करने के लिए उन्हें ट्यूबवेल के सहारे खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है। डीजल और बिजली से चलने वाले ट्यूबवेल का खर्च बढ़ने से खेती की लागत में भी भारी बढ़ोतरी हो गई है। सीमित संसाधनों वाले छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण बन गई है, क्योंकि लगातार सिंचाई कर पाना उनके लिए आसान नहीं है।
**बारिश नहीं हुई तो उत्पादन पर पड़ेगा असर:
किसानों का कहना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की रोपाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कई खेतों में रोपाई का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है, जबकि कुछ स्थानों पर पौध तैयार होने के बावजूद पानी के अभाव में खेत रोपाई के लिए तैयार नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में समय पर खेती पूरी करना किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

**बिजली की अनियमित आपूर्ति बढ़ा रही परेशानी:
बारिश की कमी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अनियमित आपूर्ति भी किसानों की मुश्किलें बढ़ा रही है। बार-बार बिजली ट्रिप होने और लंबे समय तक कटौती रहने से ट्यूबवेल लगातार नहीं चल पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो जाए तो वे किसी तरह सिंचाई कर फसल को बचा सकते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में यह भी संभव नहीं हो पा रहा है।
**प्रशासन से राहत की मांग:
किसानों ने प्रशासन से ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, सिंचाई के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा यदि सूखे जैसी स्थिति बनती है तो राहत पैकेज, अनुदान और अन्य सहायता योजनाएं लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए तो संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
**बारिश का इंतजार कर रहे किसान:
फिलहाल Mohammadabad (मोहम्मदाबाद) क्षेत्र के किसान हर दिन आसमान की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं। खेत तैयार हैं, धान की पौध तैयार है और मेहनत भी पूरी हो चुकी है, लेकिन अच्छी बारिश का इंतजार अब भी बना हुआ है। अब किसानों की निगाहें मानसून पर टिकी हैं कि वह कब मेहरबान होगा और धान की रोपाई समय पर पूरी हो सकेगी।
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रिपोर्टर: जफ़र इकबाल