उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के महोबा जिले में उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने करीब 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर रोक दिया। यह घटना उस समय हुई, जब मंत्री युवा उद्घोष कार्यक्रम से लौट रहे थे। रास्ते में अचानक काफिला रुकने से अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। विरोध का कारण क्षेत्र की बदहाल सड़कें बताई गईं, जिनको लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं।
जल जीवन मिशन से बिगड़ी सड़कें:
विधायक बृजभूषण राजपूत और ग्राम प्रधानों का कहना है कि जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत गांव-गांव पानी की पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों को खोदा गया, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई। इससे सड़कें पूरी तरह जर्जर हो गई हैं। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं और बारिश के बाद हालात और खराब हो जाते हैं। ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पहले भी की जा चुकी शिकायतें:
विधायक का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर पहले भी संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बार-बार मांग उठाने के बावजूद जब सड़कों की हालत जस की तस बनी रही, तब मजबूर होकर यह विरोध किया गया। विधायक और ग्राम प्रधानों ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता की परेशानी को सामने लाने के लिए किया गया है।
काफिला रोकने पर बढ़ा तनाव:
जब मंत्री के काफिले को रोका गया, तो मौके पर तनाव का माहौल बन गया। मंत्री के समर्थक कार्यकर्ता और सुरक्षा कर्मी आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे थे, जबकि विरोध कर रहे लोग पीछे हटने को तैयार नहीं थे। इसी दौरान दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जो कुछ देर में हाथापाई में बदल गई। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पुलिस ने संभाला मोर्चा:
घटना की सूचना मिलते ही सीओ सदर और कोतवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और विवाद को शांत कराया। इसके बाद मंत्री का काफिला आगे बढ़ सका। हालांकि इस दौरान कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
मंत्री और विधायक के बीच मतभेद:
विधायक बृजभूषण राजपूत का कहना है कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने मंत्री से सीधे तौर पर सड़कों की मरम्मत जल्द कराने की मांग रखी। उनका कहना है कि विकास योजनाओं का लाभ तभी पूरा माना जाएगा, जब उनसे जुड़ी बुनियादी सुविधाएं भी सही हालत में हों। वहीं मंत्री के पक्ष से यह कहा गया कि वे एक निर्धारित कार्यक्रम से लौट रहे थे और इस तरह काफिला रोकना उचित तरीका नहीं था।
ग्रामीणों की रोजमर्रा की दिक्कतें:
स्थानीय लोगों का कहना है कि जल जीवन मिशन एक अच्छी और जरूरी योजना है, लेकिन सड़कों की मरम्मत न होने से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत आती है और बाजार तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। कई ग्रामीणों ने बताया कि टूटी सड़कों के कारण वाहन खराब हो रहे हैं और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
प्रशासन का आश्वासन:
इस घटना के बाद प्रशासन की ओर से सड़कों की स्थिति पर ध्यान देने और जल्द मरम्मत कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी जाएगी और प्राथमिकता के आधार पर सड़कों को ठीक कराया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
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यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म खेलो इंडिया नॉर्थ जोन किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप में शाह फैज पब्लिक स्कूल गाज़ीपुर की दो बेटियों ने पंचम लहरायाया अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
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