सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को अंतिम विदाई देने तेहरान जाएंगी महबूबा मुफ्ती, ईरान ने भेजा था न्योता

पीडीपी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) 3 से 6 जुलाई के बीच तेहरान (Tehran) में आयोजित होने वाले ईरान (Iran) के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होंगी। ईरान (Iran) की ओर से उन्हें भारत (India) की विशेष अतिथि के रूप में आधिकारिक निमंत्रण भेजा गया है। महबूबा मुफ्ती ने इसे अपने जीवन का एक विशेष अवसर बताते हुए कहा कि वह पूर्व सुप्रीम लीडर को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए तेहरान जाएंगी।

भारत से कई प्रमुख हस्तियों को मिला निमंत्रण:

ईरान (Iran) ने अंतिम संस्कार समारोह के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस (Congress) और पीडीपी (PDP) के नेताओं के अलावा जैन संत आचार्य लोकेश मुनि (Acharya Lokesh Muni) को भी आमंत्रित किया है। भारत सरकार (Government of India) की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा (Pabitra Margherita) और बिहार (Bihar) के राज्यपाल सैयद अता हसनैन (Syed Ata Hasnain) भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

दो करोड़ लोगों के पहुंचने का अनुमान:

ईरान (Iran) का अनुमान है कि अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की अंतिम यात्रा में 1.5 से 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो यह देश के इतिहास का सबसे बड़ा राजकीय अंतिम संस्कार माना जाएगा। इसके अलावा लगभग 30 देशों के प्रतिनिधियों के भी तेहरान (Tehran) पहुंचने की संभावना जताई गई है।

अंतिम संस्कार से पहले पूरे देश में हाई अलर्ट:

पूर्व सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार से पहले ईरान (Iran) ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। ईरानी सेना के ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरामिनिया (Mohammad Akraminia) ने बताया कि समारोह में बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधियों, धार्मिक हस्तियों और लाखों लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। थलसेना, नौसेना और वायुसेना की तैनाती बढ़ा दी गई है, जबकि एयर डिफेंस सिस्टम लगातार हवाई क्षेत्र पर निगरानी रखे हुए है।

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में दर्ज कराई शिकायत:

ईरान (Iran) ने इजराइल (Israel) के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र (United Nations-UN) में शिकायत दर्ज कराई है। ईरान का आरोप है कि इजराइल (Israel) उसके नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को लेकर खुली धमकियां दे रहा है। संयुक्त राष्ट्र (United Nations-UN) में ईरान (Iran) के राजदूत अमीर-सईद इरावानी (Amir-Saeid Iravani) ने महासचिव, सुरक्षा परिषद और महासभा को पत्र भेजकर इस मामले पर आपत्ति दर्ज कराई है। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई (Ali Khamenei) सहित कई वरिष्ठ नेताओं को पहले भी निशाना बनाया गया और इन घटनाओं में अमेरिका (United States) के सहयोग का आरोप भी लगाया गया है।

अमेरिका-ईरान वार्ता पर नजर:

कतर (Qatar) की राजधानी दोहा (Doha) में अमेरिका (United States) और ईरान (Iran) के बीच अप्रत्यक्ष तकनीकी वार्ता भी हुई। यह वार्ता होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में जहाजों की आवाजाही, हालिया तनाव और सैन्य घटनाओं के बाद आयोजित की गई। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने कतर (Qatar) और पाकिस्तान (Pakistan) की मध्यस्थता में अलग-अलग बातचीत की।

इन मुद्दों पर हुई चर्चा:

दोहा (Doha) में हुई वार्ता के दौरान होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में जहाजों की आवाजाही, ईरान (Iran) के परमाणु कार्यक्रम, 6 अरब डॉलर के फ्रीज फंड, लेबनान (Lebanon) में जारी संघर्ष तथा अमेरिका-ईरान (United States-Iran) समझौते को लागू करने की प्रक्रिया जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई। अमेरिका (United States) की ओर से मध्य-पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ (Steve Witkoff) और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) के दामाद जेरेड कुशनर (Jared Kushner) शामिल हुए। ईरान (Iran) की ओर से उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी (Kazem Gharibabadi) ने तकनीकी दल का नेतृत्व किया।

पिछले 24 घंटे के प्रमुख घटनाक्रम:

बीते 24 घंटे में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने कहा कि ईरान (Iran) के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। वहीं, इजराइल (Israel) के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज (Israel Katz) ने स्पष्ट किया कि लेबनान (Lebanon), सीरिया (Syria) और गाजा (Gaza) से सेना नहीं हटाई जाएगी। दूसरी ओर, ईरान (Iran) ने अंतिम संस्कार में दो करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान जताया। समुद्री निगरानी कंपनी केप्लर (Kpler) के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) से जहाजों की आवाजाही सामान्य होने लगी है। हालांकि अमेरिका (United States) और ईरान (Iran) के बीच समझौते की पांच प्रमुख शर्तों पर अब भी सहमति नहीं बन सकी है।

फ्रीज फंड और तेल बाजार पर असर:

ईरान (Iran) ने कहा कि समझौते के तहत जारी होने वाले 6 अरब डॉलर के फ्रीज फंड का एक हिस्सा जरूरी सामान खरीदने में उपयोग किया जाएगा। साथ ही उसने अमेरिका (United States) पर समझौते की कुछ शर्तों के उल्लंघन का आरोप भी लगाया और निगरानी समिति बनाने का निर्णय लिया। दोहा (Doha) वार्ता के बाद सकारात्मक संकेत मिलने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) करीब एक प्रतिशत गिरकर 70.84 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड (WTI Crude) 1.2 प्रतिशत गिरकर 67.75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) को वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत तय करने का प्रमुख मानक माना जाता है।

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