मायावती का सपा पर वार और योगी सरकार की तारीफ! बिगाड़ेगा समीकरण…

लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने नौ साल बाद अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए पुराना तेवर दिखाया। कांशीराम स्मारक में आयोजित इस जनसभा में उन्होंने अपने भतीजे आकाश आनंद के साथ मंच साझा किया और समर्थकों का उत्साह बढ़ाया। मायावती ने संबोधन की शुरुआत में समाजवादी पार्टी (SP) पर तीखा हमला बोला और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की सरकार की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी से छिपकर मुलाकात नहीं करतीं और आजम खान (Azam Khan) के बसपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज किया।

भव्य रैली में हजारों समर्थक एकत्रित, मंच के आसपास भीड़ में लोग सफेद कपड़े पहने हुए।
लाखों की संख्या में समर्थक मैदान पर पहुंचे। मायावती और आकाश आनंद के नारे लगाए।

सपा पर सीधा प्रहार:
अपने संबोधन में मायावती ने समाजवादी पार्टी को “दोगली और स्वार्थी” करार दिया। उन्होंने कहा कि जब सपा को सत्ता मिलती है तो उसे न तो बहुजन समाज की चिंता रहती है, न ही PDA की याद आती है। लेकिन जैसे ही सत्ता हाथ से जाती है, ये खुद को सामाजिक न्याय का ठेकेदार बताने लगते हैं। मायावती ने कहा कि जनता अब इनकी असलियत पहचान चुकी है और इनके झांसे में आने वाली नहीं है।

योगी सरकार की तारीफ:
अपने भाषण में मायावती ने उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि “वर्तमान सरकार ने कांशीराम पार्क और अंबेडकर पार्क में आने वाले लोगों से मिलने वाले टिकटों का पैसा पारदर्शिता के साथ खर्च किया है। जबकि समाजवादी पार्टी की सरकार ने यही पैसा अन्य कार्यों में लगा दिया था।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके आग्रह पर पार्कों की मरम्मत का पूरा खर्च करवाया, जिसके लिए वह आभारी हैं।

चंद्रशेखर आजाद पर परोक्ष हमला:
मायावती ने बिना नाम लिए नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “बसपा को कमजोर करने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है। कुछ स्वार्थी और बिकाऊ लोगों को आगे करके नए संगठन बनाए जा रहे हैं। ऐसे लोग विपक्षी दलों के साथ अंदरखाने साठगांठ कर रहे हैं ताकि दलित वोटों को बांटा जा सके।”

इधर अखिलेश यादव ने मायावती पर पलटवार किया। कहा- क्योंकि उनकी अंदरूनी साठ-गांठ जारी है, इसीलिए वो ज़ुल्म करने वालों की आभारी हैं। दरअसल, मायावती ने अपने संबोधन के दौरान सपा को दोगला कहा था, साथ ही सीएम योगी तारीफ की थी।

आकाश आनंद को मिली प्रमुखता:
मायावती ने मंच से अपने भतीजे आकाश आनंद (Aakash Anand) को पार्टी का भविष्य बताया। उन्होंने कहा कि “आकाश अब पार्टी के मूवमेंट से दोबारा जुड़ चुके हैं, यह शुभ संकेत है। वह मेरे दिशानिर्देश में काम करेंगे, जैसे कांशीराम जी ने मुझे आगे बढ़ाया था, वैसे ही मैंने आकाश को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।” उन्होंने सतीश चंद्र मिश्रा, कपिल मिश्रा, उमाशंकर सिंह, विश्वनाथ पाल और जमील अख्तर की भी प्रशंसा की।

राजनीतिक रूप से ज्यादा सक्रिय रहने का ऐलान:
जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ से उत्साहित मायावती ने कहा कि अब वह कार्यकर्ताओं के बीच अधिक समय देंगी और इस तरह के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेंगी। उन्होंने कहा कि “2027 में हमें पांचवीं बार बसपा की सरकार बनानी है। इसके लिए सपा, भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) जैसी जातिवादी पार्टियों के षड्यंत्रों से सतर्क रहना होगा।”

समर्थकों की प्रशंसा:
मायावती ने मंच से कहा कि “यह भीड़ किसी दल की तरह दिहाड़ी देकर नहीं लाई गई है, बल्कि लोग अपने खर्चे से यहां पहुंचे हैं। यह हमारे आंदोलन की सच्ची ताकत है।” उन्होंने कहा कि यह जनसमर्थन बसपा के लिए नई ऊर्जा का संकेत है।

पहली बार मंच पर दूसरे नेताओं को भी मिली जगह:
इस रैली में मंच की व्यवस्था भी खास थी। मायावती के साथ मंच पर मुस्लिम समुदाय के मुनकाद अली, नौसाद अली और शमसुद्दीन सहित दलित समाज के आनंद, आकाश आनंद, गिरीश चंद्र जाटव और धनश्याम चंद्र खरवार मौजूद थे। इसके अलावा सतीश चंद्र मिश्रा, उमाशंकर सिंह और विश्वनाथ पाल को भी स्थान दिया गया। यह पहली बार हुआ जब मायावती ने मंच पर अन्य नेताओं को बैठने की अनुमति दी।

पांच राज्यों से उमड़ी भीड़, सुरक्षा के सख्त इंतजाम:
कांशीराम स्मारक परिसर में आयोजित इस रैली में उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों से लाखों समर्थक पहुंचे। करीब दस किलोमीटर क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। अनुमान है कि डेढ़ लाख की क्षमता वाला स्मारक परिसर पूरी तरह भर गया था। सुरक्षा के लिए पांच हजार पुलिस कर्मियों और दो हजार से अधिक बसपा वॉलंटियरों की तैनाती की गई थी।

बसपा को मिल सकती है नई ऊर्जा:
2012 में सत्ता से बाहर होने के बाद बसपा का राजनीतिक ग्राफ लगातार नीचे गिरा। 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी केवल एक सीट जीत पाई और 2024 के लोकसभा चुनाव में इसका खाता तक नहीं खुला। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मायावती की यह विशाल रैली पार्टी के लिए नई संजीवनी साबित हो सकती है।

…………………………………
#Tag: #Mayawati #BSP #LucknowRally #UttarPradeshPolitics #AkhileshYadav

डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता द्वारा दी गई सूचना पर आधारित है, जिसकी समस्त जिम्मेदारी स्थानीय संवादाता की है।

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading