उत्तर प्रदेश एटीएस ने देश विरोधी साजिश रचने वाले गैंग के मास्टरमाइंड मोहम्मद रजा को केरल के मल्लपुरम से गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले सोमवार को कानपुर, रामपुर, सोनभद्र और सुल्तानपुर से चार और आरोपी पकड़े गए थे। ये सभी प्रदेश में मुजाहिद आर्मी बनाने और दंगे भड़काने की योजना में शामिल थे।

पांचों आरोपी और उनकी भूमिका
पांचों आरोपी अपने-अपने जिलों में दंगे भड़काने की साजिश रच रहे थे। वे कट्टरपंथी पाकिस्तानी संगठनों से प्रभावित थे और देश में हथियारों के बल पर शरिया कानून लागू करने की योजना बना रहे थे। इनके टारगेट पर गैर-मुस्लिम धर्म गुरु थे, जिन्हें यह मारने की योजना बना रहे थे।

गिरफ्तारियों का क्रम और रिमांड
सोमवार को कानपुर के सुजातगंज से मोहम्मद तौसीफ, सुल्तानपुर से अकमल रजा, सोनभद्र से सफील सलमानी उर्फ अली रजवी और रामपुर के कासिम अली को गिरफ्तार किया गया। चारों को जेल भेज दिया गया, जबकि मास्टरमाइंड मोहम्मद रजा को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है। यहां उसे विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा।
सोशल मीडिया और उकसावे
एटीएस के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया ग्रुप्स के जरिए सक्रिय थे। ऑडियो चैट और वीडियो भेजकर लोगों को उकसाते, हथियारों और अन्य सामग्री के लिए फंडिंग की अपील करते। पूछताछ में सामने आया कि ये अलग-अलग जगहों पर मीटिंग करके अपने मंसूबों को अंजाम देने की योजना बनाते थे।
टारगेट किलिंग की गंभीर योजना
जांच में पता चला कि इन ग्रुप्स में गैर-मुस्लिम धार्मिक प्रमुखों की टारगेट किलिंग की गंभीर योजना बनाई जा रही थी। एटीएस इनपुट पर यह पता लगाने में जुटी है कि किन धर्म गुरुओं को निशाना बनाया जाना था।
कट्टरपंथी मानसिकता और मुजाहिद आर्मी
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि यह संगठन मुसलमानों पर अत्याचारों और ज्यादतियों का बदला लेने के लिए जंग-ए-जिहाद करने और शरिया कानून लागू करने की योजना बना रहा था। इसके लिए लोगों को कट्टरपंथी बनाया जा रहा था। दंगे भड़काने और टारगेट किलिंग के लिए वे मुजाहिद आर्मी बना रहे थे।
मास्टरमाइंड मोहम्मद रजा की भूमिका
मोहम्मद रजा फतेहपुर के अंडौली गांव का निवासी है और वर्तमान में केरल के मल्लपुरम में रह रहा था। गिरोह की जुटाई गई फंडिंग उसके बैंक खाते में जमा होती थी। वह अपने नेटवर्क के जरिए टारगेट किलिंग और अन्य आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था।

