महराजगंज। सदर कोतवाली क्षेत्र के पिपरदेवरा निवासी सूरज (21) और नीतीश (16) की रविवार देर रात सड़क हादसे में मौत हो गई। दोनों युवक बाइक से परतावल कस्बे की ओर जा रहे थे। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के छपिया गांव के पास उनकी बाइक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर है।
अज्ञात वाहन की टक्कर से हुआ दर्दनाक हादसा:
बताया गया कि रविवार रात करीब 10 बजे दोनों युवक किसी जरूरी काम से घर से निकले थे। छपिया गांव के समीप उनकी बाइक को तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। देर रात सड़क पर सन्नाटा होने के कारण काफी देर तक किसी की नजर दोनों पर नहीं पड़ी।
हादसे के बाद सड़क पर दोनों के शव और दुर्घटनाग्रस्त बाइक पड़ी रही। इसी दौरान वहां से गुजरने वाले वाहनों के कारण स्थिति और भयावह हो गई। दोनों के चेहरे बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए, जिससे उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया।
पुलिस गश्त के दौरान मिली हादसे की जानकारी:
रात में पुलिस की गश्ती टीम छपिया गांव के पास पहुंची तो सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त बाइक और दोनों युवकों के शव दिखाई दिए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। क्षतिग्रस्त मोबाइल के माध्यम से परिजनों से संपर्क किया गया और उन्हें हादसे की जानकारी दी गई।
हादसे की खबर मिलते ही पिपरदेवरा मोहल्ले में मातम पसर गया। परिजन बदहवास हालत में घटनास्थल पर पहुंचे। मौके का दृश्य देखकर परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
सीसीटीवी फुटेज से अज्ञात वाहन की तलाश:
श्यामदेउरवा थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस टक्कर मारकर फरार हुए अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों की मदद ली जा रही है। पुलिस के अनुसार अज्ञात वाहन और उसके चालक का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
सूरज की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़:
मृतक सूरज अपने परिवार में दूसरे नंबर का बेटा था। उसके पिता बाबूराम मेहनत-मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सूरज दिल्ली में पेंटिंग का काम करता था और अपनी कमाई से परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाता था। उसकी दो बहनों की जिम्मेदारी भी उसके कंधों पर थी।
सूरज की मौत से परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। जिस बेटे से परिवार को सहारा मिलने की उम्मीद थी, उसकी अचानक मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया।
नीतीश के पिता ने देर रात बाहर जाने से किया था मना:
नीतीश यादव अपने परिवार में सबसे छोटा था। बचपन में ही उसकी मां का निधन हो गया था। इसके बाद उसके पिता पप्पू यादव ने ईंट-भट्ठे पर ट्रैक्टर चलाकर उसका पालन-पोषण किया था।
पिता पप्पू यादव ने बताया कि उन्होंने नीतीश को इतनी देर रात बाहर जाने से मना किया था। नीतीश ने उनसे कहा था कि वह एक-दो घंटे में काम निपटाकर वापस आ जाएगा। लेकिन इसके बाद उसकी मौत की खबर घर पहुंची। बेटे की मौत से पिता और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दोनों युवकों की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद पिपरदेवरा और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है।
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रिपोर्टर: बृजेश गुप्ता
