उत्तर प्रदेश में विकास और कानून का सच…


पूर्व डीजीपी और राज्यसभा सांसद बृजलाल ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की कानून व्यवस्था और विकास को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब पुलिस और प्रशासन माफिया के दबाव में काम करते थे और जो अधिकारी उनके खिलाफ कदम उठाता, उसे टिकने नहीं दिया जाता था।

माफिया का दौर और पुलिस की स्थिति:
बृजलाल ने बताया कि पहले पुलिस अधिकारी माफियाओं के हिसाब से चलते थे। जो अधिकारी उनके खिलाफ कार्रवाई करता, उसे या तो हटाया जाता या धमकाया जाता। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि माफिया मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) पर कार्रवाई करने वाले डीएसपी को हटाया गया था।

पूर्व सरकारों में डर का माहौल:
उन्होंने याद दिलाया कि पहले की सरकारों में माफियाओं पर रेड करने में एसपी भी डरते थे। प्रदेश में माफियाओं का कब्जा था और आम जनता सुरक्षित महसूस नहीं कर सकती थी। कृष्णानंद राय (Krishnanand Rai) पर हुई गोलीबारी का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 600 गोलियां चलाई गईं और 67 गोलियां लक्ष्य को लगी थीं।

सीएम योगी के नेतृत्व में माफिया पर कड़ा प्रहार:
बृजलाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयासों से आज माफिया लगभग खत्म हो गए हैं। कुछ ऊपर चले गए, कुछ भाग गए, कुछ जेल में हैं और कुछ माला जप रहे हैं। अब माफियाओं से खाली कराई गई जमीन गरीबों को दी जा रही है।

कानून व्यवस्था में सुधार और विकास:
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कानून व्यवस्था मजबूत होती है तो निवेश और विकास की राह खुलती है। सपा सरकार के समय रंगदारी और अपहरण उद्योग चलता था, जबकि आज यूपी (Uttar Pradesh) में 40 लाख करोड़ रुपये का निवेश आ रहा है।

गरीबों और प्रदेश के लिए लाभ:
माफिया पर नियंत्रण से केवल कानून व्यवस्था ही बेहतर नहीं हुई, बल्कि गरीबों को जमीन देकर उन्हें लाभ भी दिया जा रहा है। प्रदेश में निवेश बढ़ने से रोजगार और विकास के नए अवसर खुल रहे हैं।

बृजलाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि उनके कड़े कदमों और प्रशासनिक सुधारों के कारण आज प्रदेश में अपराधियों का दबदबा खत्म हुआ है और विकास की गति तेज़ हुई है।


#tag: #MafiaFree #YogiAdityanath #UPDevelopment

Disclaimer: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।


Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading