इस बार रमजान का महीना मार्च में पड़ा, गर्मी का आगाज हो गया, तापमान 39°C पहुँच गया। रोजेदारों ने सूरज की तपिश, उमस भरी गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच खुदा की इबादत की, ये सिलसिला 2007 से चला आ रहा है। लेकिन अब जल्द ही माह-ए-रमजान मुकम्मल होने के साथ-साथ गर्मी में रोजेदारों के सब्र का इम्तिहान भी पूरा हो जाएगा। क्योंकि 2026 से 2036 तक रमजान की आमद ठंडे मौसम में होगी।
वर्ष 2007 से 2025 तक रमजान का महीना 19 बार आया। इस्लामिक कैलेंडर का यह पाक महीना पिछले 19 वर्षों में गर्मियों के बिच गुजरा यानि मार्च से सितंबर के बीच गुजरा और मार्च से सितंबर तक के गर्मी और उमस वाले मौसम ने रोजेदारों का इम्तिहान लिया। इस दौरान मार्च, अप्रैल, मई, जुलाई, अगस्त में तीन-तीन रमजान गुजरे। इस बीच कभी रोजेदारों का सामना अप्रैल-मई की झुलसा देने वाली तपिश से हुआ तो कभी जून, जुलाई, अगस्त में पसीने से तरबतर करने देने वाली उमस भरी गर्मी से हुई। दो-दो बार तो जून और सितंबर में रमजान की शुरुआत हुई।
लेकिन अब रमजान का महीना खिसक कर सर्दियों में पहुंचने वाला है और आने वाले 11 साल रोजेदारों के लिए राहत भरे होंगे। यानि मुकद्दस रमजान की आमद ठंडे मौसम होगी और शुरुआत अगले रमजान यानि 2026 से होकर यह सिलसिला 2036 तक चलेगा। इस दाैरान माह-ए-रमजान में रोजेदार का सामना कंपा देने वाले दिसंबर, जनवरी, फरवरी की सर्दियों से होगी। इसके अलावा अक्तूबर और नवंबर की गुलाबी सर्दी भी रोजेदारों को राहत देगी।
पीछे खिसकती है रमजान की तारीख़
जानकारों की माने तो रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नाैवां महीना है और इसकी तारीखें इस्लामी कैलेंडर से तय होती हैं। जो एक हिजरी चंद्र कैलेंडर है। जिसमें 12 चंद्र महीने होते हैं। हर महीना अर्द्धचंद्र के दिखने के साथ शुरू होता है। चंद्र महीना 29 या 30 दिन का होता है, जिससे चंद्र वर्ष करीब 354 दिन का हो जाता है। ऐसे में साैर गणना आधारित ग्रेगोरियन वर्ष 10 से 12 दिन छोटा हो जाता है। इस अंतर के कारण रमजान हर साल ग्रेगोरियन कैलेंडर में पहले शुरू होता है और हर 33 साल में एक समय माैसमी चक्र को पूरा करता है।
दो बार रमजान और दो बार ईद
रोजेदारों के लिए वर्ष 2030 और 2033 खास रहेगा। 2030 में उन्हें माह-ए-रमजान का तोहफा दो बार मिलेगा। एक साल की शुरुआत में दूसरा साल के अंत में। वर्ष 2030 में जनवरी और दिसंबर में रमजान का आगाज होगा तो वहीँ तीन साल बाद वर्ष 2033 में मुसलमानों को दो बार ईद मनाने का मौका मिलेगा। एक ईद जनवरी में होगी तो दूसरी दिसंबर में मनाई जाएगी।
अगले 11 साल कब कब होगा रमजान?
| वर्ष | किस तारीख से किस तारीख तक |
| 2026 | 18 फरवरी से 19 मार्च तक |
| 2027 | आठ फरवरी से नाै मार्च तक |
| 2028 | 28 जनवरी से 26 फरवरी तक |
| 2029 | 16 जनवरी से 14 फरवरी तक |
| 2030 | छह जनवरी से चार फरवरी तक |
| 2030 | 26 दिसंबर से 24 जनवरी 2031 तक |
| 2031 | 15 दिसंबर से 13 जनवरी 2032 तक |
| 2032 | चार दिसंबर से दो जनवरी 2033 तक |
| 2033 | 23 नवंबर से 22 दिसंबर तक |
| 2034 | 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक |
| 2035 | दो नवंबर से एक दिसंबर तक |
| 2036 | 21 अक्तूबर से 19 नवंबर तक |
नोट : यह चांद के आधार पर संभावित है।