लखनऊ (Lucknow)। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में पंचायतों के सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। आज लखनऊ स्थित पंचायती राज निदेशालय (Panchayati Raj Directorate) में पंचायत एडवॉसमेंट इंडेक्स (PAI) पर राज्य स्तरीय कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इसमें लगभग 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
राज्य स्तरीय कार्यशाला का उद्देश्य:
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों की सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) की नौ थीम के स्थानीयकरण में सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना था। इसमें गुणवत्तापूर्ण बेसलाइन डेटा के आधार पर पंचायतों के प्रदर्शन का आंकलन किया गया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को सम्मानित किया गया।
प्रधानों और सचिवों का योगदान:
इस अवसर पर पंचायतों के प्रधान और सचिव विशेष रूप से सक्रिय रहे। लखनऊ के विकासखंड बक्शी का तालाब की धनौरी, बीबीपुर एवं सरौरा ग्राम पंचायतों के साथ-साथ मुरादाबाद (Muradabad) की मिलक अमावती और बरेली (Bareilly) की भरतौल ग्राम पंचायत को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। प्रतिभागियों ने स्थानीय स्तर पर पंचायतों की प्रगति और विकास की चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किए।
मंत्री ओमप्रकाश राजभर का संदेश:
पंचायती राज विभाग के मंत्री ओमप्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) ने कहा कि पंचायत एडवॉसमेंट इंडेक्स ग्रामीण प्रगति का दर्पण बनेगा। उन्होंने यह भी बताया कि हर पंचायत आत्मनिर्भर और जवाबदेह होगी, तथा ग्राम पंचायतों को अपना विकास सूचकांक तैयार करने का अधिकार मिलेगा। मंत्री ने कहा कि यह पहल न केवल पंचायतों की विकास यात्रा को मापने में मदद करेगी, बल्कि नीति निर्माण में भी सटीक दिशा तय करने में योगदान देगी।
विशेषज्ञों ने साझा की जानकारी:
कार्यशाला में विभागीय विशेषज्ञों ने पंचायत विकास सूचकों (LSDGs) के थीमवार स्कोरकार्ड और पंचायत एडवॉसमेंट इंडेक्स (PAI) के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस सूचकांक के माध्यम से न केवल ग्राम पंचायतों की प्रगति मापी जा सकती है बल्कि विकास की गति और गुणवत्ता का भी आकलन किया जा सकता है।
भविष्य की दिशा:
कार्यशाला में यह स्पष्ट किया गया कि पंचायत एडवॉसमेंट इंडेक्स (PAI) केवल आंकलन का उपकरण नहीं, बल्कि ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने और सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करने वाला प्लेटफॉर्म है। पंचायतों की निरंतर निगरानी और डेटा आधारित निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति प्रदान करेंगे।
उपस्थित अधिकारियों का योगदान:
कार्यशाला की अध्यक्षता मंत्री ओमप्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) ने की। प्रमुख सचिव पंचायती राज विभाग (Principal Secretary, Panchayati Raj Department) अनिल कुमार (Anil Kumar), निदेशक पंचायती राज विभाग (Director, Panchayati Raj Department) अमित कुमार सिंह (Amit Kumar Singh) सहित अन्य विभागीय अधिकारी और परियोजना प्रबंधक उपस्थित रहे। सभी ने पंचायतों की प्रगति, उनके अनुभव और स्थानीय समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की।
आज की कार्यशाला ने यह संदेश दिया कि ग्राम पंचायतों को अधिक सशक्त, जवाबदेह और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पंचायत एडवॉसमेंट इंडेक्स (PAI) एक निर्णायक उपकरण साबित होगा।
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