वैश्विक तनाव के बीच लखनऊ में ‘विश्व शांति एवं स्थिरता’ पर विशेष आयोजन, 22 मार्च से होगी शुरुआत

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में वैश्विक तनाव के बीच शांति, संस्कृति और सद्भाव का संदेश देने के उद्देश्य से एक विशेष आयोजन होने जा रहा है। 22 मार्च से शुरू होने वाला यह चार दिवसीय कार्यक्रम कला, संगीत और व्यंजन के माध्यम से लोगों को जोड़ने और विश्व शांति की भावना को सशक्त करने का प्रयास करेगा। यह आयोजन उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार (Uttar Pradesh State Archives) और व्हाइटस्वान आर्ट (Whiteswan Art) नई दिल्ली के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

Group of people viewing artwork in a gallery, with a focus on a vibrant painting featuring a maze and various animals.

शहीद स्मृति भवन में होगा आयोजन:
यह विशेष कार्यक्रम लखनऊ (Lucknow) के शहीद स्मृति भवन (Shaheed Smriti Bhawan) में आयोजित किया जाएगा, जहां चार दिनों तक कला, संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों का संगम देखने को मिलेगा। आयोजन का उद्देश्य समाज में सकारात्मक संवाद स्थापित करना और विविधता में एकता का संदेश देना है।

22 मार्च को होगा उद्घाटन:
कार्यक्रम का उद्घाटन 22 मार्च को किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. जय कृष्ण अग्रवाल (Prof. Jai Krishna Agrawal) शामिल होंगे। उनके साथ इतिहासकार और लेखक डॉ. रवि भट्ट (Dr. Ravi Bhatt) तथा नवभारत टाइम्स (Navbharat Times) के रेजिडेंट एडिटर प्रो. सुधीर मिश्रा (Prof. Sudhir Mishra) विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। उद्घाटन समारोह के साथ ही कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत होगी।

A musician sitting with a musical instrument on stage, in front of a banner promoting an event titled 'India & Germany for World Peace'. The stage is set with empty chairs and a wooden backdrop.

कला और संगीत के जरिए शांति का संदेश:
23 मार्च को व्हाइटस्वान आर्ट (Whiteswan Art) की फाउंडर डॉ. अंजली निगम तानपुरे (Dr. Anjali Nigam Tanpure) द्वारा प्रार्थना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसके बाद ‘विश्व शांति एवं स्थिरता में समर्पित कला’ विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। साथ ही लखनऊ (Lucknow) के उभरते कलाकारों का संगीत कॉन्सर्ट भी होगा, जिसमें कला और संगीत के जरिए शांति का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा।

व्यंजन और संस्कृति का अनूठा संगम:
इस आयोजन में प्रदेश के पारंपरिक और विस्मृत व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। यहां यूनेस्को (UNESCO) से मिले गैस्ट्रोनॉमी दर्जे का उत्सव मनाया जाएगा। यह पहल स्वाद के माध्यम से सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने का प्रयास है, जिससे विभिन्न संस्कृतियों के बीच जुड़ाव मजबूत हो सके।

वंचित बच्चों के लिए आर्ट कैंप:
24 मार्च को PYSSUM (PYSSUM) संस्था के सहयोग से विशेष जरूरतों वाले और वंचित बच्चों के लिए आर्ट कैंप का आयोजन किया जाएगा। इसमें कलाकारों और आर्ट स्कूलों की भागीदारी होगी, जिससे बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और उन्हें रचनात्मकता की ओर प्रेरित किया जाएगा।

समापन के साथ संदेश का विस्तार:
25 मार्च को इस चार दिवसीय कार्यक्रम का समापन होगा। इस दौरान दिए गए संदेश और गतिविधियां समाज में शांति, सहयोग और एकता की भावना को मजबूत करने का प्रयास करेंगी।

कला और संस्कृति से मिलता है मार्गदर्शन:
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह (Jaiveer Singh) ने इस आयोजन को लेकर कहा कि कला और संस्कृति समाज को जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। उनके अनुसार ऐसे सांस्कृतिक आयोजन न केवल विरासत को संरक्षित करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए विश्व शांति और सतत विकास की दिशा में प्रेरित करते हैं।

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com


#lucknow #culture #worldpeace #event #art

रिपोर्टर: अनुज कुमार

Related Post

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading