Lucknow: लखनऊ विश्वविद्यालय में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) ने प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन एनसीआरटी की किताबों में हुए बदलावों के खिलाफ किया गया।
वही प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। उसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया है।
वही प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाया। उसके बाद में पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और पुलिस बस में बैठाकर इको गार्डन ले गई है।
यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब देश भर में एनसीईआरटी की किताबों में विभिन्न बदलावों को लेकर विवाद चल रहा है। इन बदलावों में मुगल काल, महात्मा गांधी और कई अन्य ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़े अंशों को हटाने या संशोधित करना शामिल हैं।
जिन पर विपक्षी दल और शिक्षाविद लगातार सवाल उठा रहे हैं। एनएसयूआई के प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किताबों में बदलाव कर इतिहास के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। उसमें कांग्रेस पार्टी को जानबूझकर निशाना बना रहे हैं। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ता शुभम सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार मनमानी कर रही है। कक्षा 6 से 12 तक की एनसीईआरटी की किताबों में नया मॉड्यूल जोड़ा गया है। जिसमें भारत के विभाजन के लिए मोहम्मद अली जिन्नाह, लॉर्ड माउंटबेटन के साथ ही कांग्रेस को जिम्मेदार बताया गया है।
कांग्रेस पार्टी को ऐतिहासिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। जिन लोगों ने इतिहास पढ़ा नहीं है, वे उसे बदलने का काम कर रहे हैं। जो लोग आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के समर्थक रहे हैं, वे इतिहास के बारे में क्या जानते हैं? बीजेपी आजादी के समय अंग्रेजों के साथ रही थी। अब उन्हें राष्ट्रवाद याद आ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि पेपर लीक और परीक्षा घोटालों पर कोई बात नहीं कर रहा है, बल्कि ये लोग इतिहास बदलने और उसके साथ छेड़छाड़ करने में लगे हैं।



