लखनऊ (Lucknow) के काकोरी थाना क्षेत्र के इब्राहिमगंज गांव में 65 वर्षीय शांति देवी हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि बहू शालिनी (26) ने सास की रोटी में जहर मिलाकर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद से ही परिजनों के शक के आधार पर पूछताछ की गई, जिसमें आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस मामले में एक अन्य आरोपी करन (20) फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है।
जहर मिलाकर रची गई साजिश:
पुलिस पूछताछ में शालिनी ने बताया कि उसने 5 अप्रैल को आटे में कीटनाशक मिलाकर रोटी बनाई थी, जिसे खाने के बाद शांति देवी की तबीयत बिगड़ गई। करीब 24 घंटे के भीतर उनकी मृत्यु हो गई। इससे पहले भी आरोपी ने सास को मारने की कोशिश की थी, जब उसने चाय में कीटनाशक मिलाया था, लेकिन उस समय प्रयास असफल रहा क्योंकि शांति देवी ने पूरी चाय नहीं पी थी।
अवैध संबंध बना हत्या की वजह:
जांच में सामने आया कि शालिनी का अपने सगे भांजे करन के साथ प्रेम संबंध था, जिसका शांति देवी विरोध करती थीं। वह दोनों को मिलने-जुलने और बातचीत करने से रोकती थीं। इसी वजह से आरोपी ने सास को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। शालिनी ने यह भी कबूल किया कि करन ने उसे परिवार के अन्य सदस्यों को भी नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाया था।
मामी-भांजे की कहानी और साजिश:
मृतका के बेटे मनोज रावत (28) ने बताया कि उसकी शादी चार वर्ष पहले शालिनी से हुई थी। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन इस वर्ष जनवरी में करन के इराक (Iraq) से लौटने के बाद स्थिति बदल गई। करन का शालिनी के साथ संपर्क बढ़ा और दोनों के बीच बातचीत और मुलाकातें शुरू हो गईं। धीरे-धीरे यह संबंध गहरा होता गया, लेकिन परिवार को इसकी भनक नहीं लगी।
परिवार को हुआ शक, सच्चाई आई सामने:
मनोज ने बताया कि उसने एक बार पत्नी को फोन पर बात करते हुए पकड़ लिया था और उसका फोन तोड़ दिया था। इसके बावजूद संपर्क जारी रहा। घटना के दिन शांति देवी ने रोटी का स्वाद कड़वा बताया और कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ गई। इलाज के बावजूद 6 अप्रैल को प्रसाद अस्पताल (Prasad Hospital) में उनकी मृत्यु हो गई। बाद में संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए परिजनों को शक हुआ और मामले की जांच शुरू हुई।
कबूलनामे से खुला पूरा राज:
शक के आधार पर जब परिवार ने शालिनी से पूछताछ की तो वह बार-बार अलग-अलग बातें बताने लगी। बाद में गांव में पंचायत बुलाई गई, जहां एक चचेरे भांजे ने बताया कि शालिनी ने उससे कीटनाशक मंगवाया था। इसके बाद दबाव बढ़ने पर शालिनी ने करन के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार कर ली। परिजनों ने इस कबूलनामे का वीडियो भी बना लिया और पुलिस को सूचना दी।
कब्र से शव निकालकर जांच जारी:
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जिलाधिकारी से अनुमति लेकर 11 अप्रैल को शांति देवी के शव को कब्र से निकलवाया और आवश्यक जांच के लिए विसरा सुरक्षित किया। 10 अप्रैल को आरोपी शालिनी और फरार करन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने शालिनी को हिरासत में ले लिया है, जबकि करन की तलाश जारी है।
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