लखनऊ (Lucknow) में स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस वसूली के मामलों को लेकर जिला प्रशासन अब सख्त रुख में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में आयोजित जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में निजी स्कूलों के खिलाफ आई शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की गई। जांच के दौरान कई मामलों में फीस वृद्धि और नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सही पाई गईं, जिसके बाद प्रशासन ने संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी करने का फैसला लिया है।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद निजी स्कूलों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और अभिभावकों के हितों की रक्षा करना प्राथमिकता है। किसी भी स्कूल को नियमों के विरुद्ध फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
20 स्कूलों की शिकायतों की हुई समीक्षा:
जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में कुल 20 स्कूलों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों पर चर्चा की गई। जांच के दौरान 8 स्कूलों के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए। इन स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित स्कूलों पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार बाकी स्कूलों के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच में प्रमाणित नहीं हो सके। समिति ने सभी बिंदुओं की समीक्षा के बाद अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी।
दो स्कूलों ने स्वीकार की गलती:
जांच के दौरान दो स्कूलों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित आश्वासन दिया है कि बढ़ाई गई फीस को अगले महीने की फीस में समायोजित किया जाएगा। इससे अभिभावकों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन ने कहा कि यदि स्कूल अपने वादे का पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
1 जून तक मांगा गया जवाब:
जिलाधिकारी विशाख जी ने निर्देश दिया है कि जिन स्कूलों के खिलाफ शिकायतें सही पाई गई हैं, उन्हें औपचारिक नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाए। सभी स्कूलों को 1 जून 2026 तक अपना पक्ष रखने का समय दिया गया है। इसके बाद प्राप्त जवाब और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि यदि स्कूल संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे पाए, तो उन पर आर्थिक दंड के साथ अन्य प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
इन स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी:
जिन स्कूलों के खिलाफ शिकायतें सही पाई गई हैं, उनमें एलन हाउस पब्लिक स्कूल (Allen House Public School), सीलवती आइडियल पब्लिक स्कूल (Seelwati Ideal Public School), आश्रम एकेडमी (Ashram Academy), हुकुम सिंह मेमोरियल इंटर कॉलेज (Hukum Singh Memorial Inter College), सेंट डोमिनिक इंटर कॉलेज (St. Dominic Inter College), सेठ एमआर जयपुरिया गोयल कैंपस (MR Jaipuria Goyal Campus), ब्राइट वे इंटर कॉलेज (Bright Way Inter College) और केजे मॉडर्न पब्लिक स्कूल (KJ Modern Public School) शामिल हैं।
इन स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों ने मनमानी फीस वृद्धि और शुल्क नियमों के उल्लंघन की शिकायतें दर्ज कराई थीं। समिति की जांच में कई शिकायतें सही पाई गईं।
अभिभावकों के हितों को प्राथमिकता:
जिलाधिकारी विशाख जी ने बैठक में स्पष्ट कहा कि शिक्षा व्यवस्था को अभिभावक हितैषी बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता, मनमानी फीस वसूली या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन लगातार स्कूलों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में भी ऐसी शिकायतें मिलती हैं, तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की इस पहल को अभिभावकों ने राहत देने वाला कदम बताया है।
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